लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। कई जिलों में सड़कों और निचले इलाकों में जलभराव है, जबकि तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और अन्य नुकसान की घटनाएं सामने आई हैं। कई स्थानों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी ) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहुत भारी बारिश की संभावना है। दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक और झोंकेदार हवाओं का भी खतरा बताया गया है। 28 सितंबर से प्रदेश के लिए कोई व्यापक चेतावनी नहीं दी गई है।
मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश का खतरा बताया गया है। वहीं लखनऊ, हरदोई, बाराबंकी, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
बारिश के साथ कई जिलों में 40–50 किमी प्रति घंटे की झोंकेदार हवाएं, जो कुछ स्थानों पर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं, चलने की संभावना है। गरज-चमक और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना हुआ है।
आईएमडी से संबंधित जारी चेतावनी में फर्रुखाबाद को भी भारी वर्षा की संभावना वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया है। साथ ही जिले में मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना बताई गई है।
लगातार बारिश के बीच निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। पेड़ों के गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की स्थिति में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और जर्जर भवनों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी जाती है।
मौसम विभाग के मुताबिक 27 सितंबर का दिन यूपी के कई हिस्सों के लिए बारिश और तेज हवाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है।


