फर्रुखाबाद। कम्पिल थाना क्षेत्र के ग्राम पथरामई निवासी अमरीश कुमार मिश्रा ने अपनी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा करने और फर्जी वसीयत के जरिए नाम दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि न्यायालय के आदेश के बाद फर्जी वसीयत निरस्त हो चुकी है और भूमि का नामांतरण वास्तविक उत्तराधिकारियों के नाम हो गया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक जमीन का कब्जा नहीं मिल सका है।
अमरीश कुमार मिश्रा ने बताया कि वर्ष 1986 में उनके पिता की हत्या हो गई थी, जिसके बाद परिवार को गांव छोड़कर दूसरे स्थान पर रहना पड़ा। लंबे समय बाद जब वर्ष 2021 में वह वापस गांव लौटे तो उन्हें जानकारी मिली कि उनकी पैतृक भूमि पर दूसरे लोगों ने कब्जा कर लिया है। जांच-पड़ताल करने पर पता चला कि वर्ष 1992 में कथित रूप से फर्जी वसीयत तैयार कर भूमि को विपक्षी पक्ष के नाम दर्ज करा लिया गया था। इसी आधार पर वर्षों तक उनका परिवार अपनी ही पैतृक संपत्ति से बेदखल रहा।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने न्यायालय की शरण ली, जिसके बाद न्यायालय के आदेश पर 22 अप्रैल 2024 को नायब तहसीलदार ने कथित फर्जी वसीयत को निरस्त कर दिया। इसके बाद राजस्व अभिलेखों में भूमि का नाम वास्तविक उत्तराधिकारियों के पक्ष में दर्ज कर दिया गया, लेकिन मौके पर आज भी विपक्षी पक्ष का कब्जा बना हुआ है।
अमरीश मिश्रा का आरोप है कि उन्होंने कई बार तहसील और जिला प्रशासन के अधिकारियों से शिकायत कर भूमि पर कब्जा दिलाने की मांग की, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण उन्हें लगातार मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पैतृक भूमि पर कब्जा दिलाने, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने तथा भविष्य में इस प्रकार के फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की मांग की है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलने पर प्रकरण की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।


