.. मीराबाई चानू ने जीता सिल्वर
नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए बुधवार का दिन पदकों के लिहाज से खास रहा। स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिलाओं की 49 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही एशियन गेम्स में भारत को वेटलिफ्टिंग का पदक 28 साल बाद मिला है। इससे पहले 1998 में कर्णम मल्लेश्वरी ने सिल्वर मेडल जीतकर भारत को यह उपलब्धि दिलाई थी।
मीराबाई चानू ने कुल 198 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 87 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया। उत्तर कोरिया की री सोंग गुम ने स्वर्ण पदक जीता। री ने स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल वजन में विश्व रिकॉर्ड बनाया। मीराबाई के लिए यह एशियन गेम्स का पहला पदक है।
32 वर्षीय मीराबाई चानू इससे पहले ओलिंपिक, कॉमनवेल्थ गेम्स और विश्व चैंपियनशिप जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुकी हैं। एशियन गेम्स का पदक उनके बड़े अंतरराष्ट्रीय पदक संग्रह में एक और उपलब्धि के रूप में जुड़ गया। वह सभी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली भारतीय वेटलिफ्टरों में शामिल हो गई हैं।
बुधवार को भारत को अब तक कुल चार पदक मिले हैं। शूटिंग में भारत ने महिला और पुरुष स्कीट टीम स्पर्धा में दो कांस्य पदक जीते। महिला टीम में रायजा ढिल्लों, परिनाज धालीवाल और माहेश्वरी चौहान शामिल रहीं, जबकि पुरुष टीम में अनंतजीत सिंह नारूका, मैराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल ने कांस्य पदक अपने नाम किया। पुरुष टीम ने कजाकिस्तान के साथ बराबरी के बाद शूट-ऑफ में जीत दर्ज की।
सॉफ्ट टेनिस में भी भारत ने इतिहास रचा। मध्यप्रदेश के जय मीणा ने पुरुष एकल में कांस्य पदक हासिल किया। सेमीफाइनल में उन्हें जापान के ताकुया कुरोसाका से 2-4 से हार मिली, लेकिन सेमीफाइनल तक पहुंचने के साथ ही भारत का इस खेल में पहला एशियन गेम्स पदक पक्का हो गया था। वहीं, शूटिंग में मनु भाकर महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल के व्यक्तिगत फाइनल में पांचवें स्थान पर रहीं। टीम स्पर्धा में भी भारत मामूली अंतर से कांस्य पदक से चूक गया।
भारत के लिए कबड्डी में भी दिन अच्छा रहा। महिला टीम ने ईरान को 37-23 से हराकर लगातार दूसरी जीत दर्ज की, जबकि पुरुष टीम ने बांग्लादेश को 48-25 से मात देकर ग्रुप चरण में लगातार तीसरी जीत हासिल की। दूसरी ओर पुरुष बैडमिंटन टीम के सेमीफाइनल में चीन के खिलाफ मुकाबले में लक्ष्य सेन को शी यू ची के हाथों 21-16, 21-18 से हार मिली, जिसके बाद भारतीय टीम शुरुआती मुकाबले में 0-1 से पिछड़ गई।


