चार-पांच साल से तैनाती को लेकर चर्चाएं तेज, कार्यप्रणाली की जांच की मांग
आईडिया स्टोरी यूथ इंडिया संवाददाता दिलीप कश्यप
कन्नौज। जनपद में एक ही थाना और चौकी पर लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई चौकियों पर सिपाही चार से पांच वर्षों से लगातार तैनात हैं। ऐसे में लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनाती को लेकर पुलिस महकमे में निगरानी और कार्यक्षेत्र में बदलाव की जरूरत महसूस की जा रही है।लोगों के बीच चर्चा है कि लंबे समय से एक ही क्षेत्र में तैनाती के कारण कुछ पुलिसकर्मियों की स्थानीय लोगों से नजदीकियां बढ़ जाती हैं। यही वजह है कि समय-समय पर इनकी तैनाती और कार्यप्रणाली की निष्पक्ष समीक्षा किए जाने की जरूरत बताई जा रही है। लोगों का आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों की कथित मिलीभगत के चलते क्षेत्र में जुआ, सट्टा और चोरी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की छवि बनाए रखने के लिए लंबे समय से एक ही थाना-चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की सूची तैयार कर उनकी तैनाती अवधि की समीक्षा की जानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर कार्यक्षेत्र में बदलाव के साथ उनकी कार्यप्रणाली की जांच भी कराई जाए।
छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र में भी लंबे समय से तैनाती की चर्चा
छिबरामऊ कोतवाली क्षेत्र में भी करीब आधा दर्जन पुलिसकर्मियों के चार से पांच वर्ष से एक ही थाना अथवा चौकी क्षेत्र में तैनात होने की चर्चा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से तैनाती की वजह और ऐसे पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली की उच्चाधिकारियों द्वारा समीक्षा की जानी चाहिए।वहीं, कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि शाम के समय कुछ पुलिसकर्मी नशे की हालत में फरियादियों और जनप्रतिनिधियों से अभद्र व्यवहार करते हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकती है।लोगों का कहना है कि जिले के पुलिस कप्तान सभी थाना और चौकियों पर तैनात पुलिसकर्मियों की तैनाती अवधि की समीक्षा कराएं और जहां लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनाती है, वहां कार्यक्षेत्र बदलने पर विचार किया जाए। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।


