बोनी कपूर-जाह्नवी-खुशी को नोटिस
नई दिल्ली। दिवंगत अभिनेत्री श्रीदेवी के परिवार से जुड़ी चेन्नई की 2.70 एकड़ जमीन का पुराना विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। शीर्ष अदालत ने फिल्म निर्माता बोनी कपूर और उनकी बेटियों जाह्नवी कपूर व खुशी कपूर को नोटिस जारी किया है। मामला चेन्नई के शोलिंगनल्लूर स्थित जमीन पर दावे से जुड़ा है।
जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस अरुण पिल्लै की पीठ ने विवादित संपत्ति पर अगली सुनवाई तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। अदालत ने दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाने की संभावना पर भी जोर दिया और मध्यस्थता का सुझाव दिया है। इसके लिए सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जज को मध्यस्थ नियुक्त करने की बात कही गई है। मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को होगी।
याचिका एमसी शिवकामी और उनके भाई एमसी नटराजन की ओर से दाखिल की गई है। याचिकाकर्ताओं का दावा है कि वे दिवंगत एमसी चंद्रशेखरन के कानूनी वारिस हैं और विवादित जमीन में अपना हिस्सा चाहते हैं। उन्होंने 1988 में हुए जमीन के बिक्री लेनदेन को भी चुनौती दी है।
विवादित जमीन अप्रैल 1988 में बिक्री दस्तावेजों के जरिए श्रीदेवी और उनके परिवार से जुड़ी थी। श्रीदेवी के निधन के बाद बोनी कपूर और उनकी बेटियों के नाम संपत्ति से संबंधित अधिकारों को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि उन्हें संपत्ति में हिस्सा मिलना चाहिए।
कपूर परिवार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में दलील दी कि संबंधित बिक्री दस्तावेज 19 अप्रैल 1988 के हैं, जबकि मौजूदा मुकदमा वर्ष 2025 में दायर किया गया। इससे पहले मद्रास हाई कोर्ट ने अप्रैल 2026 में मुकदमे को समय-सीमा से बाधित मानते हुए खारिज कर दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट में मामले की आगे सुनवाई होगी।


