लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार आधी रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 14 आईएएस और 34 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस बदलाव में काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र समेत कई महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। सहारनपुर, लखीमपुर खीरी और अंबेडकरनगर के मुख्य विकास अधिकारी भी बदले गए हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्व भूषण मिश्र का करीब दो साल बाद तबादला कर दिया गया है। उन्हें उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का उपसचिव बनाया गया है। मंदिर के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी की तैनाती फिलहाल नहीं की गई है। वहीं चिकित्सा शिक्षा विभाग की महानिदेशक एवं सचिव नेहा शर्मा को सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग के पद से हटा दिया गया है। उन्हें जुलाई 2026 में ही चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी मिली थी।
सहारनपुर के सीडीओ सुमित राजेश महाजन को उत्तर प्रदेश स्टार्टअप मिशन का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। उनकी जगह राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त डॉ. सुनील कुमार वर्मा को सहारनपुर का नया सीडीओ नियुक्त किया गया है। लखीमपुर खीरी के सीडीओ अभिषेक कुमार को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है, जबकि अयोध्या के अपर जिलाधिकारी नगर योगानंद पांडेय को लखीमपुर खीरी का नया सीडीओ बनाया गया है।
अंबेडकरनगर के सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला को रेशम विभाग का विशेष सचिव एवं निदेशक बनाया गया है। उनकी जगह कुशीनगर के अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव मिश्रा को अंबेडकरनगर का नया सीडीओ नियुक्त किया गया है। राजस्व परिषद के सदस्य न्यायिक साहब सिंह को सचिवालय प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है। रेशम विभाग के विशेष सचिव एवं निदेशक देवेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा को राजस्व परिषद में सदस्य न्यायिक की जिम्मेदारी दी गई है।
विंध्याचल मंडल के अपर आयुक्त डॉ. विश्राम यादव को भी नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें राजस्व परिषद में सदस्य न्यायिक बनाया गया है। इसी वर्ष जनवरी में उन्हें आईएएस पद पर पदोन्नति मिली थी। लोक निर्माण विभाग में राहुल सिंह को विशेष सचिव बनाया गया है। इससे पहले वह आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग में विशेष सचिव थे।
पीसीएस अधिकारियों के तबादलों में भी कई जिलों के अपर जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी बदले गए हैं। गाजियाबाद, वाराणसी और मथुरा नगर निगमों में नए अपर नगर आयुक्त तैनात किए गए हैं। इसके अलावा गौतमबुद्धनगर, प्रयागराज, बहराइच, देवरिया, कासगंज, एटा, मिर्जापुर, बागपत, जालौन और आगरा समेत कई जिलों में प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है।


