लखनऊ। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी की है। पार्टी अब पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक ही घोषणा-पत्र जारी करने की पुरानी परंपरा से आगे बढ़ते हुए हर जिले के लिए अलग घोषणा-पत्र तैयार करेगी। यानी 75 जिलों के लिए 75 अलग विजन, जिनमें स्थानीय समस्याओं, विकास योजनाओं और रोजगार की जरूरतों को प्रमुखता दी जाएगी।
पार्टी की रणनीति के मुताबिक अब जनता से केवल यह नहीं कहा जाएगा कि सत्ता में आने पर प्रदेश के लिए क्या किया जाएगा, बल्कि प्रत्येक जिले के मतदाताओं के सामने यह स्पष्ट रोडमैप रखा जाएगा कि उनके जिले में क्या बदलेगा और कौन-कौन से काम प्राथमिकता से कराए जाएंगे। इसके लिए जिलाध्यक्षों और स्थानीय पदाधिकारियों से अपने-अपने जिलों की पांच प्रमुख समस्याओं, अधूरे या बंद पड़े प्रोजेक्ट और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं की जानकारी जुटाने को कहा गया है।
जिलावार घोषणा-पत्र में रोजगार और उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य, पर्यटन तथा सड़क-परिवहन, पुलों का निर्माण, किसानों और बुनकरों की समस्याओं को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। जिन जिलों में जलभराव, सिंचाई, पेयजल या बिजली की समस्या गंभीर है, वहां इन्हीं मुद्दों से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात कही जा रही है। औद्योगिक जिलों में निवेश और रोजगार, जबकि पर्यटन एवं धार्मिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर जोर रहेगा।
सपा की रणनीति में युवाओं को भी खास जगह दी गई है। पेपर लीक पर रोक, सरकारी नौकरियों के अवसर, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए पारदर्शी नीति, बंद स्कूलों को फिर शुरू करने, नए कॉलेज, विश्वविद्यालय, कौशल केंद्र और रोजगार केंद्र खोलने जैसे मुद्दों को जिलावार जरूरत के हिसाब से शामिल किया जाएगा। किसानों और पारंपरिक कारीगरों के लिए भी स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं प्रस्तावित होंगी।
पार्टी का जोर बड़े विकास कार्यों को स्थानीय रोजगार से जोड़ने पर भी रहेगा। कन्नौज के इत्र, मुरादाबाद के पीतल, सहारनपुर के लकड़ी कारोबार और पूर्वांचल के बुनकरों जैसे पारंपरिक उद्योगों को स्थानीय अर्थव्यवस्था की ताकत बनाने का रोडमैप तैयार किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि जिलावार घोषणा-पत्र से विधानसभा चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के पास जनता के सामने रखने के लिए स्थानीय मुद्दों पर स्पष्ट और लिखित एजेंडा होगा।
सपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता जूही सिंह के मुताबिक पार्टी का घोषणा-पत्र जमीनी स्तर की समस्याओं पर केंद्रित होगा। उनका कहना है कि कई जिलों में अस्पतालों की कमी, बंद पड़े स्कूलों और निष्क्रिय केंद्रों जैसी समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है। पार्टी इन्हीं स्थानीय मुद्दों को केंद्र में रखकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रही है।


