फर्रुखाबाद। पारिवारिक विवादों को लेकर लंबे समय से चल रही कानूनी लड़ाई के बीच शनिवार को आयोजित लोक अदालत ने कई परिवारों में फिर से खुशियां लौटाने का काम किया। आपसी मतभेद, मनमुटाव और विवादों को बातचीत के माध्यम से दूर कर 10 दंपतियों के बीच सुलह कराई गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे की शिकायतों को पीछे छोड़ साथ रहकर परिवार को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। सुलह के बाद दंपती खुशी-खुशी अपने घर लौटे।
लोक अदालत में सुलह के बाद दंपतियों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर नई शुरुआत का संकल्प लिया। न्यायालय परिसर में बनाए गए सेल्फी प्वाइंट पर दंपतियों ने साथ फोटो भी खिंचवाए। लंबे समय से न्यायालय में चल रहे विवादों के बाद एक साथ नजर आए दंपतियों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। इस पहल का उद्देश्य केवल मुकदमों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि परिवारों को टूटने से बचाकर रिश्तों में दोबारा विश्वास कायम करना रहा।
मऊदरवाजा थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला और मैनपुरी जनपद निवासी उसके पति के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। महिला ने वर्ष 2023 में पति के खिलाफ भरण-पोषण का मुकदमा दायर किया था। महिला का आरोप था कि शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया गया, जिसके चलते अगस्त 2023 में वह अपने मायके आ गई थी। महिला ने अपने और करीब नौ माह के बेटे के भरण-पोषण के लिए पति से प्रतिमाह 25 हजार रुपये दिलाए जाने की मांग की थी। मामला न्यायालय में चल रहा था। लोक अदालत में दोनों पक्षों की बातचीत कराई गई, जिसके बाद आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने और साथ रहने पर सहमति बन गई।
इसी प्रकार शमसाबाद थाना क्षेत्र निवासी एक अन्य दंपती के बीच भी लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। पत्नी ने पति के खिलाफ भरण-पोषण का वाद दायर किया था। दंपती के दो बच्चे भी हैं। मुकदमे के चलते परिवार के सदस्यों के बीच दूरी बनी हुई थी। लोक अदालत में दोनों पक्षों को समझाने और बातचीत के लिए आमने-सामने बैठाया गया। आपसी मतभेद दूर होने के बाद दंपती ने बच्चों और परिवार के भविष्य को देखते हुए फिर से साथ रहने का निर्णय लिया।
लोक अदालत में इस तरह के 10 मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता कराया गया। न्यायिक अधिकारियों और परामर्शदाताओं ने दोनों पक्षों की समस्याएं सुनीं और उन्हें विवाद को लंबा खींचने के बजाय आपसी बातचीत से समाधान निकालने के लिए प्रेरित किया। समझौते के बाद दंपतियों ने भविष्य में एक-दूसरे के साथ मिलकर रहने और पुराने विवादों को पीछे छोड़ने की बात कही।
जनपद न्यायाधीश, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, नोडल अधिकारी संजय कुमार, अपर प्रधान न्यायाधीश अंजू कंबोज, प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव बिंदिया भटनागर, बार एसोसिएशन अध्यक्ष जवाहर सिंह गंगवार तथा परामर्शदाता मनोज कुमार कश्यप और सुरेंद्र राणा ने सभी दंपतियों को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों ने कहा कि आपसी सहमति और संवाद से परिवारों को टूटने से बचाया जा सकता है। लोक अदालत में हुए समझौतों से न केवल मुकदमों का निस्तारण हुआ, बल्कि कई परिवारों को दोबारा साथ रहने का अवसर भी मिला।


