क्रासर
दलालों का प्राइवेट चिकित्सालयों में फिक्स होता है कमीशन
फर्रुखाबाद। डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय में दलालों के सक्रिय होने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। आरोप है कि शाम ढलते ही लोहिया पुरुष एवं महिला चिकित्सालय के बाहर संदिग्ध लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। यही लोग कथित तौर पर अस्पताल परिसर के अंदर पहुंचकर मरीजों और उनके तीमारदारों से संपर्क करते हैं तथा उन्हें निजी अस्पतालों में बेहतर उपचार का लालच देकर वहां जाने के लिए प्रेरित करते हैं।
बताया जाता है कि अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों के तीमारदारों को कई तरह की बातें बताकर निजी चिकित्सालय ले जाने का प्रयास किया जाता है। आरोप है कि गंभीर मरीजों के परिजनों को उनकी स्थिति का हवाला देते हुए जल्द से जल्द निजी अस्पताल में उपचार कराने की सलाह दी जाती है। इसके बाद उन्हें कथित रूप से संबंधित निजी अस्पताल तक पहुंचाने में भी मदद की जाती है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निजी अस्पतालों में मरीज पहुंचने के बाद इन कथित दलालों को कमीशन मिलता है। इसी कमीशन के लालच में मरीजों को सरकारी अस्पताल से निजी अस्पतालों की ओर भेजने का खेल चलने की बात कही जा रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि अस्पताल परिसर में बाहरी लोग मरीजों और तीमारदारों से संपर्क कर रहे हैं तो अस्पताल प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अस्पताल में आने वाले मरीज पहले से ही बीमारी और आर्थिक परेशानियों से जूझते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति उन्हें बहला-फुसलाकर निजी अस्पताल ले जाता है तो इससे मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों पर भी अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
शाम के समय अस्पताल परिसर और उसके आसपास ऐसे लोगों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी की आवश्यकता महसूस की जा रही है। मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल प्रशासन को सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ाने के साथ ही संदिग्ध लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि सरकारी अस्पताल में उपचार कराने आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
लोहिया अस्पताल में दलालों का बोलबाला, शाम होते ही सक्रिय हो जाता है गिरोह


