बांदा: जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों (Jayaprakash Narayan Sarvodaya Vidyalayas) में पढ़ने वाले छात्रों (students) को अब अकादमिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत इसकी तैयारी पूरी कर ली है। मंडल के सात आवासीय विद्यालयों में पढ़ रहे 5123 छात्रों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
समाज कल्याण विभाग के मंडल में सात जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इनमें बांदा के दो, चित्रकूट के तीन और हमीरपुर व महोबा के एक-एक विद्यालय शामिल हैं। इन विद्यालयों में मुख्य रूप से अनुसूचित जाति वर्ग के गरीब और मेधावी छात्रों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। अब कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
छात्रों की रुचि के अनुसार उन्हें अपैरल, आईटी-आईटीईएस, रिटेल मैनेजमेंट, ब्यूटी एंड वेलनेस, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन से छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स कराए जाएंगे, सप्ताह में दो दिन प्रैक्टिकल क्लास भी होगी।
प्रशिक्षण का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी। इसके लिए विद्यालयों में ही प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद छात्रों का मूल्यांकन होगा और उन्हें उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन तथा नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NSDC) का संयुक्त प्रमाणपत्र मिलेगा, जो देशभर में मान्य होगा।
योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्रों को पढ़ाई के बाद रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। कौशल प्रशिक्षण के जरिए छात्र स्वरोजगार शुरू करने के साथ निजी कंपनियों में नौकरी के लिए भी तैयार हो सकेंगे। जिला समाज कल्याण अधिकारी अभिषेक चौधरी के मुताबिक, जल्द विद्यालयवार पंजीकरण शुरू कर ट्रेड आवंटित किए जाएंगे। हर विद्यालय में प्रशिक्षण की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी भी नियुक्त होगा।


