– प्रयागराज में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल, अधीक्षण अभियंता को नोटिस
– निर्माण कंपनी और पर्यवेक्षण एजेंसी की भूमिका पर रिपोर्ट तलब
प्रयागराज। राम वन गमन मार्ग में दरार पड़ने के मामले को शासन ने गंभीरता से लिया है। सड़क की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों और निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के बाद शासन स्तर से बड़ी कार्रवाई की गई है। मामले में अधिशासी अभियंता रवींद्र पाल सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, अधीक्षण अभियंता ओंकार भारती को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए उनसे पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। संबंधित अधिकारियों से 15 दिन के भीतर जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़क में दरार आने के मामले में शासन ने सिर्फ विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। निर्माण कार्य कराने वाली एस एंड पी कंपनी की भूमिका पर भी रिपोर्ट तलब की गई है। कंपनी द्वारा सड़क निर्माण में अपनाई गई प्रक्रिया, गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुपालन को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है।
इसके साथ ही सड़क निर्माण की निगरानी करने वाली एलएन मालवीय इंफ्राटेक की भूमिका की भी जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। पर्यवेक्षण एजेंसी ने निर्माण कार्य की निगरानी किस तरह की और गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित कराने में उसकी क्या भूमिका रही, इसका भी परीक्षण किया जाएगा।
शासन ने संबंधित अधिकारियों से 15 दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। सड़क में दरार आने के कारणों के साथ निर्माण और पर्यवेक्षण के स्तर पर हुई संभावित लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अधिशासी अभियंता के निलंबन और अधीक्षण अभियंता को नोटिस के बाद अब निर्माण कंपनी तथा पर्यवेक्षण एजेंसी की भूमिका पर आने वाली रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जा सकती है।


