28 C
Lucknow
Friday, September 11, 2026

मायावती की शर्त पर अशोक सिद्धार्थ का संन्यास

Must read

 

बोले- आकाश की वापसी को मेरे फैसले से न जोड़ें

लखनऊ। बसपा में आकाश आनंद की वापसी को लेकर चल रहे घटनाक्रम के बीच अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। मायावती ने एक दिन पहले कहा था कि अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से पूरी तरह अलग होने के बाद ही आकाश आनंद को दोबारा जिम्मेदारी देने पर विचार किया जा सकता है।

अशोक सिद्धार्थ ने मायावती को लिखे पत्र में उन्हें अपनी राजनीतिक गुरु और बड़ी बहन बताते हुए कहा कि उनका आदेश उनके लिए सर्वोपरि है। उन्होंने दावा किया कि वह 35 वर्षों से बसपा और कांशीराम-बाबा साहेब के मिशन के लिए समर्पित रहे हैं। मायावती ने उन्हें विधान परिषद और राज्यसभा तक पहुंचाया, जिसे वह अपना जीवनभर का ऋण मानते हैं।

उन्होंने पार्टी पर कब्जे और आकाश आनंद को गुमराह करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बीते कई महीनों में आकाश से उनकी मुलाकात भी बेहद कम हुई है। अशोक सिद्धार्थ ने इसे राजनीतिक विरोधियों की साजिश बताया।

उन्होंने मायावती से अपील की कि उनके संन्यास को आकाश आनंद की वापसी से न जोड़ा जाए। कहा कि आकाश पहले मायावती के भतीजे और आनंद कुमार के बेटे हैं, उसके बाद उनके दामाद। उन्हें पार्टी में जिम्मेदारी देना या नहीं देना मायावती का फैसला है।

अशोक सिद्धार्थ ने कहा कि यदि मायावती को लगता है कि उनके राजनीति में रहने से बहुजन मिशन को नुकसान हो रहा है तो वह तत्काल संन्यास लेने को तैयार हैं। उन्होंने पत्र का समापन जय भीम, जय भारत और जय बहुजन समाज के साथ किया।

Must read

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest article