कटान से कई घरों पर संकट
क्रासर
डीएम अंकुर लाठर ने भेजी राहत-बचाव टीम, एडीएम, एसडीएम, सिंचाई विभाग व एनडीआरएफ ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
फर्रुखाबाद। गंगा नदी में बढ़े जलस्तर और तेज कटान ने जिले के बाढ़ प्रभावित गांवों में तबाही मचा रखी है। शमशाबाद ब्लॉक के समैचीपुर चितार गांव में बाढ़ और कटान की चपेट में आने से कई मकान और झोपड़ियां कटकर गंगा में समाहित हो गईं। अचानक सामने आई इस स्थिति से ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा हो गया। ग्रामीण अपने आशियानों को अपनी आंखों के सामने नदी में समाते देखते रहे।
मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने बाढ़ प्रभावित गांव में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासनिक टीम भेजी। प्रशासन ने ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए मौके पर राहत-बचाव की कार्रवाई शुरू कराई।
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए अपर जिलाधिकारी, संबंधित एसडीएम, सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा एनडीआरएफ की टीम गांव पहुंची और मौके पर पहुंचकर बाढ़ एवं कटान की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते हुए ग्रामीणों से बातचीत की तथा उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली।
प्रशासन की टीम ने ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कार्रवाई भी शुरू की। सुरक्षा की दृष्टि से गांव के लोगों को उनके जरूरी सामान के साथ बाढ़ शरणालय भेजा गया, ताकि गंगा के जलस्तर और कटान की स्थिति और बिगड़ने पर किसी प्रकार की जनहानि न हो।
गंगा की तेज धारा से लगातार हो रहे कटान के कारण ग्रामीणों में अपने घर और जमीन को लेकर चिंता बढ़ गई है। मकान और झोपड़ियां नदी में समाहित होने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने रहने और जरूरी सामान सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गई है। प्रशासन की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद में जुटा हुआ है। प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि बाढ़ और कटान से प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। जिलाधिकारी अंकुर लाठर ने भी बाढ़ पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया और अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य में पूरी तत्परता बरतने के निर्देश दिए।
समैचीपुर चितार में मकानों के गंगा में समाहित होने के बाद प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक और राहत-बचाव टीमें मौके पर सक्रिय हैं।
बाढ़ का कहर, समैचीपुर चितार में गंगा में समा गए मकान और झोपड़ियां


