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Monday, September 7, 2026

उद्घाटन से पहले ही धंसा राम वनगमन पथ, 500 मीटर में 118 जगह दरारें

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कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेस-वे वाली कंपनी ही बना रही

प्रयागराज। भगवान श्रीराम के वनवास से जुड़े मार्ग पर बन रहा राम वनगमन पथ उद्घाटन से पहले ही सवालों में घिर गया है। प्रयागराज के शृंगवेरपुर में करीब 500 मीटर में 118 जगह सड़क धंस गई। कहीं सड़क एक फीट तक बैठ गई तो कई स्थानों पर एक से डेढ़ फीट तक चौड़ी दरारें आ गई हैं। पुल की एप्रोच रोड भी करीब 30 डिग्री झुक गई है।

अयोध्या से चित्रकूट तक करीब 210 किमी लंबे फोरलेन पर 4,400 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। ग्राउंड पड़ताल में दोनों लेन पर जगह-जगह दरारें और गड्ढे मिले। पुल के नीचे एप्रोच की दीवारें भी बाहर की ओर निकली दिखाई दीं। नीचे कानपुर हाईवे से लगातार वाहन गुजर रहे हैं, जिससे खतरे की आशंका बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान मिट्टी की पर्याप्त दबाई नहीं हुई और बारिश के पानी की निकासी भी ठीक नहीं रही। इससे सड़क के नीचे मिट्टी बैठ गई। हालांकि, धंसने की असली वजह तकनीकी जांच के बाद ही साफ होगी।

सड़क खराब होने के बाद अब आनन-फानन पैचवर्क और मरम्मत शुरू करा दी गई है। सवाल उठ रहा है कि यातायात शुरू होने से पहले ही सड़क धंसने लगी तो भविष्य में इसकी मजबूती कितनी भरोसेमंद होगी?

राम वनगमन पथ का निर्माण पीएनसी इंफ्राटेक करा रही है। इसी कंपनी पर लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे में भी सड़क धंसने और गड्ढों को लेकर सवाल उठ चुके हैं। एनएचएआई ने कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित किया था।

परियोजना का शिलान्यास 2022 में हुआ था और इसे दिसंबर 2024 तक पूरा होना था। करीब डेढ़ साल की देरी के बाद अब यह लगभग तैयार है। ऐसे में उद्घाटन से पहले सड़क का धंसना हजारों करोड़ की परियोजना की गुणवत्ता और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

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