अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए महासचिव गोविंद देव गिरि महाराज ने पद संभालने के बाद चढ़ावा चोरी और ट्रस्ट की व्यवस्थाओं को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने चंपत राय को बेदाग और निष्कलंक बताते हुए कहा कि उनका भोलापन उनके लिए परेशानी का कारण बना। उन्होंने माना कि लोगों पर जरूरत से ज्यादा भरोसा करने और व्यक्तियों की पहचान में चूक से कुछ कमियां रह गईं।
चढ़ावा चोरी के मामले पर गोविंद देव गिरि ने कहा कि घटना हुई है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और चोरी करने वालों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि घटनाक्रम के पीछे कुछ षड्यंत्र नजर आता है और पूरे मामले को जिस तरह पेश किया गया, उस पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
महासचिव ने अपनी प्राथमिकताएं बताते हुए कहा कि राम मंदिर देश के मंदिरों के लिए आदर्श बने, मंदिर की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी हो और अयोध्या के लोगों तथा मंदिर के बीच संवाद मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि उनके लिए पद महत्वपूर्ण नहीं है, रामलला की सेवा सर्वोपरि है।
उन्होंने बताया कि मंदिर में आने वाले चढ़ावे की निगरानी के लिए नई व्यवस्था पर विचार चल रहा है। कोशिश होगी कि चढ़ावे की प्रक्रिया सुरक्षित और पारदर्शी बने। श्रद्धालुओं की संख्या और मंदिर में प्रतिदिन आने वाले चढ़ावे का विवरण वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की योजना भी है।
ट्रस्ट में पहली बार महिला ट्रस्टी बनाई गईं निर्मला यादव को लेकर उन्होंने कहा कि उनके अनुभव और योग्यता का लाभ ट्रस्ट को मिलेगा। वहीं पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को ट्रस्ट का पहला सीईओ बनाए जाने पर उन्होंने कहा कि महासचिव और सीईओ की जिम्मेदारियां अलग होंगी, लेकिन दोनों का लक्ष्य एक ही रहेगा।
गोविंद देव गिरि ने कहा कि नीति और निर्णय ट्रस्ट लेगा, जबकि उन्हें लागू कराने की जिम्मेदारी सीईओ की होगी। उन्होंने भरोसा जताया कि नई व्यवस्था से राम मंदिर की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी।


