नई दिल्ली। देशभर में शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का 5253वां जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। मथुरा-वृंदावन से लेकर द्वारका, पुरी, दिल्ली, जयपुर, मुंबई और पटना तक मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। मथुरा में शाम छह बजे तक 15 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। प्रशासन को यहां करीब 50 लाख भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि और वृंदावन के श्रीबांके बिहारी मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिरों को फूलों, रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया। काशी से भगवान कृष्ण के लिए विशेष उपहार मथुरा भेजे गए। इस वर्ष करीब 15 देशों के 100 से अधिक मंदिरों से भी श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए शुभकामनाएं और उपहार भेजे गए।
गुजरात के अहमदाबाद स्थित इस्कॉन मंदिर में 300 ड्रोन के जरिए भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भव्य प्रदर्शन किया गया। द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया। यहां मंगला आरती और अभिषेक के साथ जन्मोत्सव की शुरुआत हुई। पटना के इस्कॉन मंदिर में 108 चांदी के कलश से भगवान कृष्ण का अभिषेक किया गया, जबकि मंदिर की सजावट में करीब आठ टन फूल लगाए गए।
दिल्ली के बिड़ला मंदिर और इस्कॉन मंदिरों, जयपुर के गोविंद देवजी मंदिर, मुंबई, बेंगलुरु और नोएडा समेत देशभर के प्रमुख मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना हुई। उधमपुर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें कृष्ण-राधा के रूप में सजे बच्चे आकर्षण का केंद्र रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं।
पुरी के जगन्नाथ मंदिर में विशेष परंपरा के तहत शाम सात बजे से मध्यरात्रि तक आम श्रद्धालुओं के दर्शन बंद रखने की व्यवस्था की गई। जन्माष्टमी के मौके पर देशभर में सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए।


