BSF भर्ती परीक्षा पर उठे सवाल
कानपुर। प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और पेपर लीक के आरोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक के बाद एक सामने आ रहे मामलों ने उन लाखों अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है, जो महीनों और वर्षों की मेहनत के बाद सरकारी नौकरी की परीक्षा देने पहुंचते हैं। अब कानपुर में बीएसएफ कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने के आरोप ने परीक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चकेरी थाना क्षेत्र के श्याम नगर स्थित एमडी इन्फोटेक परीक्षा केंद्र पर बुधवार को प्रथम पाली में बीएसएफ कांस्टेबल पद की परीक्षा आयोजित की जा रही थी। परीक्षा शुरू होने के कुछ ही समय बाद अभ्यर्थियों के बीच पेपर लीक होने की खबर फैल गई। देखते ही देखते परीक्षा केंद्र के अंदर और बाहर अफरा-तफरी मच गई। आक्रोशित परीक्षार्थी बाहर निकल आए और नारेबाजी करते हुए परीक्षा में धांधली का आरोप लगाने लगे।
अभ्यर्थियों का गुस्सा इस बात को लेकर भी था कि आखिर जिस परीक्षा के लिए उन्होंने दिन-रात मेहनत की, यात्रा और तैयारी पर पैसा खर्च किया, उसमें यदि पहले ही सेंध लग जाए तो ईमानदारी से परीक्षा देने वाले युवाओं का क्या होगा। छात्रों ने परीक्षा निरस्त कर दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा कराने की मांग उठाई। सूचना मिलते ही चकेरी पुलिस मौके पर पहुंची और आक्रोशित अभ्यर्थियों को शांत कराने का प्रयास किया। मौके पर तनाव की स्थिति बनी रही।
हालांकि, पेपर वास्तव में लीक हुआ या परीक्षा केंद्र पर किसी अन्य स्तर की गड़बड़ी हुई, इसका अंतिम सच जांच के बाद ही सामने आएगा। लेकिन यह मामला एक बार फिर वही बड़ा सवाल खड़ा करता है—भर्ती परीक्षाओं की सुरक्षा व्यवस्था आखिर इतनी कमजोर क्यों पड़ रही है कि परीक्षा शुरू होते ही पेपर लीक की खबरें अभ्यर्थियों तक पहुंच जाती हैं?
गौरतलब है कि बीएसएफ की भर्ती परीक्षा का चरण इस समय चल रहा है और अलग-अलग केंद्रों पर परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। ऐसे में कानपुर की घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि एक परीक्षा में गड़बड़ी सिर्फ एक पेपर खराब नहीं करती, बल्कि हजारों युवाओं के भरोसे और उनके भविष्य पर चोट करती है।


