बाराबंकी। सरयू नदी के जलस्तर और तेज बहाव के बीच बाराबंकी में कटान का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। रामनगर तहसील के तराई क्षेत्र में नदी तेजी से किनारों को काट रही है। हेतमापुर से केदारीपुर तक कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है।
अब तक नदी के कटान की चपेट में बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि आ चुकी है। सैकड़ों बीघा जमीन सरयू में समा चुकी है, जिससे किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। खेतों के बाद अब नदी का कटान पक्के मकानों तक पहुंच गया है।
स्थिति को देखते हुए ग्रामीण अपने आशियाने खुद तोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने को मजबूर हैं। लोग मकानों से ईंट, लकड़ी और अन्य जरूरी सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा रहे हैं, ताकि नदी की चपेट में आने से पहले अपनी गृहस्थी का सामान बचाया जा सके।
कटान के बढ़ते खतरे के कारण किसानों ने भी समय से पहले अपनी फसल काटनी शुरू कर दी है। किसानों का कहना है कि यदि कटान इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में और अधिक कृषि भूमि व मकानों के प्रभावित होने का खतरा है।
सरयू नदी के लगातार कटान से तराई क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीण प्रशासन से कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग कर रहे हैं।


