खाली चौकियों से बिगड़ी पुलिसिंग
फर्रुखाबाद। जिले में पुलिस विभाग की तैनाती व्यवस्था सवालों के घेरे में है। कई पुलिस चौकियां महीनों से चौकी इंचार्ज की तैनाती का इंतजार कर रही हैं, जबकि करीब आधा दर्जन चौकियों का संचालन संबंधित थानेदार अपने हिसाब से करा रहे हैं। दूसरी ओर गैरजनपद तबादला हो चुके कई थाना प्रभारी अभी तक जिले में ही जमे हुए हैं। ऐसे में पुलिसिंग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
फर्रुखाबाद कोतवाली क्षेत्र की तिकोना और रेलवे रोड चौकी, फतेहगढ़ की सराह चौकी, मऊदरवाजा की रायपुर चौकी, मोहम्मदाबाद की ताजपुर चौकी और कायमगंज की मंडी चौकी पर चौकी इंचार्ज की तैनाती नहीं है। चौकियों पर नियमित प्रभारी न होने के कारण संबंधित थानों के थानेदार ही अपने स्तर से व्यवस्थाएं संचालित करा रहे हैं।
सबसे गंभीर स्थिति उन थाना प्रभारियों को लेकर है, जिनका गैरजनपद तबादला हो चुका है, लेकिन अभी तक उनकी रवानगी नहीं की गई है। कम्पिल, अमृतपुर, कादरी गेट और नवाबगंज थानों के प्रभारी तबादला सूची में शामिल होने के बावजूद जिले में ही जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
पुलिस महकमे में आम धारणा है कि गैरजनपद तबादला होने के बाद अधिकारी की कार्यप्रणाली में बदलाव आ जाता है। उसे यह पता होता है कि तबादले के बाद जिले में अगली तैनाती या चार्ज मिलने की संभावना नहीं है। ऐसे में वह कई मामलों में स्थानीय स्तर पर अपने हिसाब से निर्णय लेने और अपनी कार्यशैली के अनुसार व्यवस्था चलाने लगता है। हालांकि यह स्थिति किसी अधिकारी विशेष पर आरोप नहीं है, लेकिन लंबे समय तक रवानगी न होने से ऐसी चर्चाओं को जरूर बल मिलता है।
एक तरफ चौकियां प्रभारीविहीन हैं और दूसरी तरफ तबादला हो चुके थाना प्रभारी अभी तक कुर्सी संभाले हुए हैं। इससे विभाग की स्थानांतरण और तैनाती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। चौकी इंचार्ज की नियुक्ति और तबादला हो चुके थाना प्रभारियों की रवानगी में आखिर देरी क्यों हो रही है, यह सवाल अब पुलिस महकमे के अंदर और बाहर चर्चा का विषय बन गया है।
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह के सामने अब दोहरी चुनौती है—खाली पड़ी चौकियों पर तत्काल सक्षम अधिकारियों की तैनाती और गैरजनपद स्थानांतरित थाना प्रभारियों की रवानगी सुनिश्चित कराना। कानून-व्यवस्था के लिहाज से संवेदनशील जिले में लंबे समय तक ऐसी स्थिति बनी रहना पुलिस प्रशासन के लिए गंभीर चुनौती है।


