– घरों के करीब पहुंची गंगा
– ग्रामीणों में दहशत
– प्रधान ने सिंचाई विभाग पर धीमी गति से काम करने का लगाया आरोप
कमालगंज। गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तेज कटान ने कमालगंज क्षेत्र के ग्राम कुंडपुरा में ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गंगा के भीषण कटान के कारण पहाड़ी का बड़ा हिस्सा धंस गया और किनारे स्थित एक प्राचीन मंदिर रात में भरभराकर गंगा में समा गया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
कुंडपुरा गांव गंगा की पहाड़ी पर ऊंचाई पर बसा है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से बढ़ते जलस्तर के कारण गंगा की मुख्य धारा पहाड़ी से टकरा रही थी। इससे मिट्टी का तेजी से कटान हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक, लगातार कटान के चलते पहाड़ी अंदर से खोखली होती चली गई।
कटान की जानकारी के बाद सिंचाई विभाग की ओर से पहाड़ी को बचाने के लिए परक्यूपाइन लगाए गए थे। हालांकि, पिछले कुछ दिनों में गंगा की धारा का रुख बदलकर उत्तर दिशा की ओर हो गया, जिससे पहाड़ी का सीधा कटान फिलहाल कुछ कम हुआ है। इसके बावजूद पहले हो चुके भीषण कटान के कारण पहाड़ी कमजोर हो गई थी।
इसी के चलते पहाड़ी के किनारे स्थित मंदिर अचानक धंस गया और गंगा की तेज धारा में समा गया। मंदिर के नदी में समाने से ग्रामीणों में भय का माहौल है।
ग्रामीणों के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर है कि गांव के दीप सिंह के मकान से गंगा की धारा महज एक मीटर की दूरी पर बह रही है। लगातार बढ़ते जलस्तर और पहाड़ी में पड़ रही दरारों से आसपास रहने वाले परिवारों को अपने मकानों की सुरक्षा की चिंता सता रही है।
ग्रामीण हुकुम सिंह ने बताया कि गंगा की धारा का रुख फिलहाल गांव की तरफ से हट गया है, लेकिन पहाड़ी की मिट्टी में जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं। चटकी हुई मिट्टी लगातार नदी में गिर रही है। ऐसे में किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।
ग्राम प्रधान भैरोलाल ने आरोप लगाया कि कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा परक्यूपाइन लगाने का काम काफी धीमी गति से किया गया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते काम में तेजी लाई जाती तो नुकसान को कम किया जा सकता था।
प्रधान के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कटान दोबारा तेज होने की आशंका बनी हुई है और गांव को तत्काल प्रभावी सुरक्षा की जरूरत है।
वीडियो पंचायत कमालगंज शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि कुंडपुरा गांव को कटान से बचाने के लिए परक्यूपाइन लगाने के कार्य में तेजी लाने के संबंध में सिंचाई विभाग को खंड विकास अधिकारी के माध्यम से पत्र भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि गांव को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
उन्होंने ग्रामीणों से भी सजग रहने और गंगा के बढ़ते जलस्तर तथा पहाड़ी में हो रहे बदलाव पर नजर रखने की अपील की है। प्रशासन और सिंचाई विभाग से ग्रामीणों ने तत्काल मौके का निरीक्षण कर प्रभावी बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है।


