काठमांडू: नेपाल (Nepa)l में भीषण बाढ़ (Flood havoc) और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। शुक्रवार शाम 7 बजे तक सामने आए अपडेट के मुताबिक, आपदा में 600 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1900 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है।
नेपाल-चीन सीमा के ऊपरी इलाके में बर्फ और चट्टानों के मलबे से बनी प्राकृतिक झील अब नई चिंता का कारण बन गई है। शुक्रवार सुबह तक झील में करीब 25 लाख क्यूबिक मीटर यानी 2.5 अरब लीटर पानी जमा हो चुका था।
काठमांडू स्थित चीनी दूतावास के अनुसार, झील का जलस्तर काफी बढ़ गया है और इसमें ओवरफ्लो शुरू हो चुका है। ऐसे में झील के टूटने की आशंका बनी हुई है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों और राहत-बचाव टीमों को सतर्क रहने और नदी किनारे से दूर रहने की सलाह दी गई है।
बताया गया है कि सीमा नदी की ऊपरी धारा की एक सहायक नदी में बर्फ और चट्टानों का मलबा गिरने से पानी का बहाव रुक गया था। इसके बाद भूस्खलन के कारण प्राकृतिक झील बन गई।
बाढ़ के बाद चीन की ओर करीब 400 भारतीय नागरिक फंसे हुए हैं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सभी से संपर्क हो चुका है और वे सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के मुताबिक, बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास फंसे नागरिकों, उनके ट्रैवल एजेंट और ग्रुप लीडर्स के संपर्क में है। रास्ते खुलने के बाद उनकी सुरक्षित भारत वापसी की व्यवस्था की जाएगी।


