– पूर्व गवर्नर कैबिनेट मंत्री होने के बाद भी प्रोटोकॉल के लिये तरसीं
एटा। कैबिनेट मंत्री और पूर्व राज्यपाल बेबी रानी मौर्य और जिलाधिकारी अरविंद सिंह के बीच प्रोटोकॉल और फोन कॉल को लेकर विवाद सामने आया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने डीएम पर बार-बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं करने का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मंत्री बेबी रानी मौर्य बुधवार को एटा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने पहुंची थीं। कार्यक्रम में वयोवृद्ध महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा से संबंधित योजना का शुभारंभ किया गया। इसी दौरान मंत्री ने डीएम अरविंद सिंह से कहा कि उन्होंने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के लिए उन्हें 17 बार फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। मंत्री ने इसे गलत बताते हुए कहा कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के फोन का जवाब देना चाहिए।
मंत्री ने डीएम से नाराजगी जताते हुए प्रोटोकॉल को लेकर भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि वह व्यवस्थाओं की जानकारी लेना चाह रही थीं, लेकिन उनसे बातचीत नहीं हो सकी। इसी दौरान उन्होंने डीएम से पूछा कि क्या वह प्रोटोकॉल में उनसे बड़े हैं, इसलिए उनका फोन नहीं उठाया गया।
मंत्री की नाराजगी के बीच मौके पर कुछ देर असहज स्थिति बनी रही। डीएम की ओर से सफाई देने का प्रयास भी किया गया। बाद में सलामी की औपचारिकता पूरी हुई।
कार्यक्रम स्थल पर डीएम अरविंद सिंह ने मंत्री को गुलदस्ता भेंट करने का प्रयास किया। मंत्री ने शुरुआती तौर पर बुके लेने से इनकार कर दिया। हालांकि, बाद में उन्होंने गुलदस्ता स्वीकार कर लिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक प्रोटोकॉल और अधिकारियों-जनोंप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
मामले में डीएम अरविंद सिंह की ओर से विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एक रिपोर्ट के अनुसार, उनके स्टाफ ने बाद में इसे संचार संबंधी समस्या बताया और कहा कि डीएम उस समय सरकारी दौरे पर थे।


