फर्रुखाबाद। सातनपुर कृषि उत्पादन मंडी समिति ने मंडी शुल्क के बड़े बकायेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। करीब 1.32 करोड़ रुपये के मंडी शुल्क बकाये की वसूली के लिए आठ आढ़तियों के खिलाफ आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) जारी कर दी गई है। अब इन बकायेदारों से राजस्व बकाये की तरह ब्याज सहित धनराशि की वसूली की जाएगी। मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नोटिस के बावजूद शुल्क जमा न करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
सातनपुर मंडी में लगभग 1400 आढ़ती एवं व्यापारी पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 800 फर्में सक्रिय हैं। मंडी प्रशासन के अनुसार कई व्यापारी लाखों रुपये का कारोबार करने के बावजूद निर्धारित मंडी शुल्क जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे राजस्व प्रभावित हो रहा है।
मंडी सचिव अनूप कुमार दीक्षित ने बताया कि सातनपुर निवासी मुरारी ट्रेडर्स के संचालक मुरारीलाल पर 35.32 लाख रुपये, बूरावाली गली निवासी स्मृति ट्रेडर्स के गौरव कुमार पर 18.22 लाख रुपये, रामलीला गड्ढा निवासी इशिता ट्रेडर्स के संजू पर 10.84 लाख रुपये, जहानगंज निवासी श्री गणेश ट्रेडर्स के अनुराग पर 2.18 लाख रुपये, गनेशपुर निवासी जय माता ट्रेडर्स के सर्वेंद्र कुमार पर 1.32 लाख रुपये, गढ़ी मुशर्रफ खां निवासी सुशील कुमार गुप्ता पर 3.27 लाख रुपये, शरीफपुर छिछनी निवासी मुकेश गुप्ता पर 47.58 लाख रुपये तथा शमशेर नगर बरौन निवासी न्यू एपी ट्रेडर्स के गीतम सिंह पर 16.89 लाख रुपये मंडी शुल्क बकाया है। इन सभी के विरुद्ध आरसी जारी कर दी गई है।
मंडी सचिव ने बताया कि सभी बकायेदारों को पहले नोटिस देकर शुल्क जमा करने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय तक भुगतान न होने पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि अब संबंधित आढ़तियों से ब्याज सहित बकाया राशि की वसूली राजस्व विभाग के माध्यम से की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अभी करीब 1.50 करोड़ रुपये के मंडी शुल्क बकाये वाले 10 अन्य आढ़तियों के खिलाफ भी आरसी जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मंडी प्रशासन ने बकायेदार व्यापारियों से समय रहते शुल्क जमा करने की अपील की है, ताकि कठोर कार्रवाई से बचा जा सके।


