यूथ इंडिया कन्नौज
कन्नौज:सरकार भले ही स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव को साफ-सुथरा बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गांव में महीनों से सफाई न होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है। नालियां चोक हैं, गलियों में गंदा पानी भरा है और लोगों का निकलना दुश्वार हो गया है।
मामला कन्नौज जनपद के तालग्राम ब्लॉक क्षेत्र के रौतामई गांव का है, जहां गांव की बदहाल सफाई व्यवस्था ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।गांव की गलियां गंदगी और कीचड़ से पटी पड़ी हैं। नालियों में कचरा जमा होने के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बंद है और गंदा पानी गलियों में बह रहा है। हालात ऐसे हैं कि राहगीरों को आने-जाने में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को हो रही है। मासूम बच्चे इसी कीचड़ और गंदे पानी से होकर स्कूल जाने को मजबूर हैं।ग्रामीणों का आरोप है कि महीनों से गांव में सफाई नहीं हुई है। ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सचिव की लापरवाही के चलते समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों पर कोई असर नहीं पड़ रहा।गांव की गलियों की हालत देखकर ऐसा लगता है जैसे यहां इंसानों की बस्ती नहीं, बल्कि भैंसों का तबेला बना दिया गया हो।ग्रामीणों ने हाथ उठाकर प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से जल्द सफाई कराने, चोक नालियों को खुलवाने और जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाल व्यवस्था पर कब तक कार्रवाई करते हैं।ग्राम पंचायत अधिकारी बिजेंद्र यादव ने बताया कि सफाई अभियान चलाया गया गांव में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा है जब उनको गांव के हालातो के बारे में संवाददाता के द्वारा बताया गया तो बोलने लगे पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होगी उसको सही कराया जाएगा।


