बलरामपुर। जिले के गैसड़ी नगर पंचायत के वार्ड-10 में रात के अंधेरे में तेंदुए ने पशु बाड़े में घुसकर जमकर आतंक मचाया। बाड़े में बंधी भेड़ों पर तेंदुए ने हमला कर दिया। इस हमले में 88 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 13 भेड़ें गंभीर रूप से घायल हो गईं। एक ही रात में इतने बड़े नुकसान से इलाके में हड़कंप मच गया और ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
बताया जा रहा है कि तेंदुआ रात के समय बाड़े में घुसा और भेड़ों पर हमला शुरू कर दिया। अचानक हुए हमले से भेड़ों में भगदड़ मच गई, लेकिन बाड़े में बंद होने के कारण वे बच नहीं सकीं। सुबह जब पशुपालक बाड़े में पहुंचे तो बड़ी संख्या में भेड़ों को मृत देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की जानकारी फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
सबसे बड़ा संकट दो पीड़ित परिवारों के सामने खड़ा हुआ है। भेड़ पालन ही उनकी आय और परिवार के भरण-पोषण का प्रमुख साधन था। एक ही रात में 88 भेड़ों की मौत ने उनकी वर्षों की मेहनत और जमा पूंजी को भारी नुकसान में बदल दिया। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराकर जल्द से जल्द आर्थिक मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई है।
घटना के बाद गैसड़ी और आसपास के गांवों में तेंदुए की दहशत बढ़ गई है। ग्रामीण अपने बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि यदि तेंदुआ आबादी वाले क्षेत्र में दोबारा पहुंचा तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से तत्काल पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने, रात में गश्त बढ़ाने और प्रभावित क्षेत्र में निगरानी रखने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल घटना के बाद मौके पर पहुंचने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखनी होगी।
वहीं, इतनी बड़ी संख्या में पशुओं की मौत के बाद वन विभाग और प्रशासन के सामने पीड़ित परिवारों को राहत देने की चुनौती भी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मृत और घायल भेड़ों का नियमानुसार आकलन कराकर पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि उनकी आजीविका पूरी तरह चौपट होने से बच सके।


