फर्रुखाबाद। पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। मंगलवार सुबह गंगा का जलस्तर बढ़कर 137.10 मीटर पहुंच गया, जो फर्रुखाबाद में खतरे का निशान है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। गंगा के खतरे के निशान पर पहुंचते ही नदी किनारे बसे गांवों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। जिले के करीब 65 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं।
फर्रुखाबाद में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर राजेपुर, अमृतपुर, शमसाबाद और कायमगंज क्षेत्र के नदी किनारे बसे गांवों में देखा जा रहा है। कई स्थानों पर खेतों में पानी भरने से फसलों पर संकट गहराने लगा है। ग्रामीणों को आवागमन और पशुओं के चारे की व्यवस्था को लेकर भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा के साथ रामगंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ा है। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक रामगंगा में पांच सेंटीमीटर की वृद्धि हुई और जलस्तर 136.20 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, यह अभी चेतावनी बिंदु से करीब 40 सेंटीमीटर नीचे है।
मंगलवार सुबह नरौरा बांध से गंगा में 1,22,848 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं रामगंगा में खो बैराज से 1,840 क्यूसेक, हरेली बैराज से 291 क्यूसेक और रामनगर बैराज से 1,981 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के चलते आने वाले घंटों में जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
गंगा के खतरे के निशान पर पहुंचने के बाद जिला प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और बढ़ा दी है। राहत एवं बचाव टीमों को सक्रिय रखा गया है। प्रभावित ग्रामीणों तक राहत सामग्री पहुंचाने के साथ ही निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
प्रशासनिक टीमें नदी के जलस्तर, तटबंधों और बाढ़ प्रभावित गांवों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना दें।


