देवघर में 4 किमी कतार; काशी में 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
नई दिल्ली। सावन के चौथे और आखिरी सोमवार पर देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। काशी विश्वनाथ, बाबा बैद्यनाथ धाम, महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर मंदिरों में रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। बड़ी संख्या में कांवड़िए भी भगवान शिव का जलाभिषेक करने मंदिर पहुंचे।
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में सुबह 3:15 बजे मंदिर के कपाट खुले और पूजा-अर्चना के बाद 4:10 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हुए। यहां करीब 4 किलोमीटर लंबी कतार लगी रही। वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद कपाट खोले गए। श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए छह द्वार बनाए गए हैं और व्यवस्था पर ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है। सुबह 7 बजे तक 1.05 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे।
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में सुबह 2:30 बजे भस्म आरती के लिए कपाट खोले गए। भगवान महाकाल का चांदी के त्रिशूल, मुकुट और आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया। भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से भी सजावट की गई और भस्म अर्पित की गई।
ओंकारेश्वर में आखिरी सोमवार को भगवान शिव की पारंपरिक सवारी निकाली जाएगी। इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। वहीं भोपाल के पास भोजपुर स्थित भोजेश्वर मंदिर में भगवान शिव का छह क्विंटल फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया।
सावन के अंतिम सोमवार पर गुजरात के सोमनाथ, मुंबई के बाबुलनाथ, जम्मू के रणबीरेश्वर, दिल्ली के प्राचीन शिव मंदिरों और जयपुर के ताड़केश्वर महादेव मंदिर समेत देशभर के शिवालयों में भी भक्तों की भारी भीड़ दिखाई दी। मंदिरों में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।


