शाहजहांपुर। जैतीपुर थाना क्षेत्र के नवादा मोड़ पर शनिवार आधी रात को गोवंशों को बेरहमी से छोड़ने का मामला सामने आया है। अगरोली गांव के पास गौशाला के पीछे चार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में भरकर लाए गए करीब 60 गोवंशीय पशुओं को सड़क किनारे फेंक दिया गया। ग्रामीणों के विरोध पर पशु माफिया दो ट्रॉलियों से पशुओं को हाइड्रोलिक प्रेशर से पलटकर मौके से फरार हो गए।
नंबर प्लेट बिना दो ट्रैक्टर चौकी पर खड़े
गुस्साए ग्रामीणों ने दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को दौड़ाकर पकड़ लिया और नवादा मोड़ पुलिस चौकी पर लाकर खड़ा कर दिया। दोनों ट्रैक्टरों पर नंबर प्लेट नहीं थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके का मुआयना किया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि बाद में बिना कार्रवाई के वाहनों को छोड़ने की तैयारी की जा रही है।
ग्रामीण बोले – पहले से ही हजारों पशु, और लाकर पटक गए
नवादा के वीर सिंह यादव और अगरोली के पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रॉलियों में गोवंशों को एक के ऊपर एक ठूंसकर लाया गया था। कुछ के सींग टूटे थे, कुछ घायल थे। रात 11 बजे चुपचाप उतारा जा रहा था। विरोध किया तो प्रेशर वाली ट्रॉली उठाकर पशुओं को नीचे पटक दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पहले से ही छुट्टा पशुओं का आतंक है, ऐसे में बाहर से पशु लाकर छोड़ने से किसानों की बर्बादी तय है। रविवार सुबह तक सभी 60 पशु नवादा मोड़ हाईवे पर ही भटकते रहे, किसी ने गौशाला में नहीं पहुंचाया।
अधिकारियों में फंसा पेंच
> पुलिस का वर्जन: ग्रामीण खुद गौशाला में पशु छोड़ने आए थे, पुलिस को देख भाग गए।
> बीडीओ बाबूलाल वर्मा का वर्जन: मैंने कोई अनुमति नहीं दी। रात में प्रधान का फोन आया तो मैंने खुद पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए।
सीओ तिलहर विदुष सक्सेना ने कहा है कि मामले की गहनता से जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


