खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा, 62 गांवों के 11 हजार परिवार प्रभावित; कटान से दहशत
फर्रुखाबाद। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने जिले में बाढ़ का संकट और गहरा कर दिया है। गंगा का जलस्तर बढ़कर 137.5 मीटर पहुंच गया है, जो बताए गए 137.10 मीटर के खतरे के निशान से ऊपर है। जलस्तर बढ़ने के साथ जिले की तीनों तहसीलों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
बाढ़ से जिले के 62 गांवों के करीब 11 हजार परिवार प्रभावित बताए जा रहे हैं। लगातार बढ़ रहे पानी और कटान के चलते अब तक तीन दर्जन से अधिक मकानों के गंगा में समा जाने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं।
गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ समैचीपुर चितार क्षेत्र में कटान तेज हो गया है। वहीं कटरी तौफीक गांव में कटान की चपेट में आकर कई मकान गंगा में समा गए। मकानों और जमीन को नदी में समाता देख ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
कटान बढ़ने के बाद कई ग्रामीण अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों को सबसे ज्यादा चिंता अपने घर, पशुओं और खेती की जमीन को लेकर है।
गंगा का पानी बढ़ने से जिले की तीनों तहसीलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति लगातार चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत एवं बचाव कार्य तेज करने, सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य किए जाने की तैयारी की जा रही है।


