ईरान की नौसेना-हवाई ताकत तबाह, अब सिर्फ मिसाइल-ड्रोन बचे
वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका जल्द ही रणनीतिक होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लेगा। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान की नौसेना, वायुसेना और सैन्य नेतृत्व को भारी नुकसान पहुंचा है और अब उसके पास कुछ मिसाइलों व ड्रोन के अलावा ज्यादा सैन्य क्षमता नहीं बची है।
ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार विकसित नहीं करने देगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान की ओर से दोबारा ऐसा खतरा पैदा हुआ तो अमेरिका फिर सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
ईरान पर आर्थिक दबाव भी बढ़ाया
अमेरिका ने ईरान के खिलाफ आर्थिक दबाव और तेज कर दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बैंसेट ने ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों और कंपनियों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। अमेरिका का लक्ष्य ईरान पर दबाव बढ़ाकर उसके परमाणु कार्यक्रम को रोकना और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिकी प्रतिबंधों से ईरान झुकने वाला नहीं है। ईरान लंबे समय से प्रतिबंधों का सामना कर रहा है, लेकिन उसकी नीतियों में बदलाव नहीं आया।
दुनिया के तेल कारोबार के लिए बेहद अहम
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में शामिल है। दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल और एलएनजी आपूर्ति इसी रास्ते से गुजरती है। यहां तनाव बढ़ने से वैश्विक तेल कीमतों और ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है।
ट्रम्प प्रशासन का मानना है कि होर्मुज पर नियंत्रण से ईरान का दबाव कम होगा, खाड़ी देशों की सुरक्षा मजबूत होगी और ईरान के साथ किसी भी बातचीत में अमेरिका की स्थिति और मजबूत होगी। दूसरी ओर, विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार सैन्य और आर्थिक दबाव से ईरान का रुख और कड़ा भी हो सकता है।
होर्मुज पर बढ़ता अमेरिकी दबाव अब सिर्फ अमेरिका-ईरान विवाद नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार के लिए भी बड़ा संकट बनता दिख रहा है।


