अयोध्या से लेकर लखनऊ, नोएडा, कानपुर और प्रयागराज तक नई जिम्मेदारियां; पुलिस महकमे में युवा अफसरों की तैनाती
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस ) के नए अधिकारियों को पहली तैनाती देते हुए प्रदेश के अलग-अलग जिलों और पुलिस कमिश्नरेट में ASP और ACP के पद पर नियुक्त किया है। नई तैनाती के तहत युवा आईपीएस अधिकारियों को कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
तैनाती सूची में अयोध्या, वाराणसी, अलीगढ़, बस्ती, आगरा, बुलंदशहर, सीतापुर, नोएडा, प्रयागराज, हरदोई, मेरठ, बदायूं, लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद सहित कई जिलों को शामिल किया गया है।
दिनेश गोदारा को एएसपी अयोध्या बनाया गया है।
शुभम जैन को वाराणसी भेजा गया है।
सृष्टि जैन को अलीगढ़ में तैनाती मिली है।
मानसी को बस्ती में जिम्मेदारी दी गई है।
बजरंग प्रसाद को आगरा भेजा गया है।
प्रेमसुख दरिया को बुलंदशहर में तैनाती मिली है।
विनय कुमार यादव को सीतापुर भेजा गया है।
संचित शर्मा को नोएडा कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है।
एस. दीप्थी चाह्वाण को प्रयागराज में जिम्मेदारी मिली है।
श्लोक गौतम को हरदोई भेजा गया है।
दीक्षा भोरिया को मेरठ में तैनाती मिली है।
सुमेध मिलिंद जाधव को बदायूं भेजा गया है।
अंकित बंसल को लखनऊ कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है।
अंजना दहिया को कानपुर कमिश्नरेट भेजा गया है।
अभय राजेंद्र दागा को गाजियाबाद में जिम्मेदारी मिली है।
जयबिंद कुमार गुप्ता को फिरोजाबाद में तैनाती मिली है।
प्रदीप कुमार को उन्नाव भेजा गया है।
सम्यक चौधरी को देवरिया में तैनाती दी गई है।
कनिष्क आर. जमकर को बहराइच भेजा गया है।
सारिका चौधरी को सहारनपुर में तैनाती मिली है।
ईश्वर लाल गुर्जर को आजमगढ़ भेजा गया है।
सिमरन सिंह को झांसी में जिम्मेदारी दी गई है।
मो. आफताब आलम को बाराबंकी में तैनाती मिली है।
पहली पोस्टिंग के साथ इन अधिकारियों को प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कानून-व्यवस्था संभालने और पुलिस प्रशासन को मजबूत करने की जिम्मेदारी मिली है। कमिश्नरेट वाले जिलों में तैनात होने वाले अधिकारियों को शहरी पुलिसिंग, अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था के साथ-साथ यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभानी होगी।
नई तैनातियों को पुलिस विभाग में युवा नेतृत्व को जमीनी स्तर पर जिम्मेदारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इन अधिकारियों के सामने अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध नियंत्रण, पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और आम जनता के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की चुनौती होगी।


