शमशाबाद, फर्रुखाबाद। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जहां देशभर में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए और तिरंगे की आन-बान-शान को सलाम किया गया, वहीं शमशाबाद स्थित ग्रामीण बैंक की शाखा में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया। आरोप है कि बैंक परिसर में लगा राष्ट्रीय ध्वज 15 अगस्त से 19 अगस्त तक उल्टा लटका रहा। कई दिनों तक तिरंगे की स्थिति पर किसी जिम्मेदार अधिकारी की नजर नहीं पड़ने को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में लोगों के बीच नाराजगी देखने को मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय ध्वज देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। ऐसे में किसी सरकारी अथवा सार्वजनिक संस्थान में तिरंगे का उल्टा लगा रहना सामान्य लापरवाही नहीं माना जा सकता। लोगों ने इसे राष्ट्रीय गौरव के प्रति गंभीर चूक बताते हुए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय किए जाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस के दिन से ही बैंक परिसर में राष्ट्रीय ध्वज लगा हुआ था, लेकिन कथित तौर पर तिरंगा उल्टा लगा रहा। आरोप है कि 15 अगस्त से 19 अगस्त तक लगातार चार दिनों तक झंडे की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया गया। बैंक जैसे संस्थान में प्रतिदिन कर्मचारियों और अधिकारियों की आवाजाही के बावजूद राष्ट्रीय ध्वज की स्थिति पर ध्यान न दिया जाना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगे को सम्मानपूर्वक फहराने और उसकी गरिमा बनाए रखने की जिम्मेदारी संबंधित संस्थान की होती है। इसके बावजूद कई दिनों तक ध्वज के उल्टा लगे रहने की घटना ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मामले में स्थानीय लोगों की सबसे अधिक नाराजगी शाखा प्रबंधक के कथित रवैये को लेकर सामने आई है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब उन्होंने शाखा प्रबंधक से तिरंगे के उल्टा लगे होने के संबंध में जानकारी मांगी तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। आरोप है कि मामले को गंभीरता से लेने के बजाय “सब चलता है” कहकर टालने का प्रयास किया गया।
हालांकि शाखा प्रबंधक की ओर से इस संबंध में आधिकारिक तौर पर क्या स्पष्टीकरण दिया गया, यह स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
राष्ट्रीय ध्वज किसी भी सरकारी अथवा सार्वजनिक संस्थान की गरिमा का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है। भारतीय ध्वज संहिता में राष्ट्रीय ध्वज के प्रदर्शन और सम्मान से संबंधित नियम निर्धारित हैं। तिरंगे को निर्धारित तरीके से ही प्रदर्शित किया जाना चाहिए और उसकी गरिमा बनाए रखना प्रत्येक नागरिक तथा संबंधित संस्थान की जिम्मेदारी है।
ग्रामीण बैंक में चार दिन तक उल्टा लटका रहा तिरंगा, शाखा प्रबंधक के जवाब पर उठे सवाल


