तकनीकी कार्यों में दक्षता, डिजिटल अभिलेखों की सुरक्षा और साइबर सुरक्षा को लेकर दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
फर्रुखाबाद। पुलिस विभाग में तकनीकी कार्यों की बढ़ती भूमिका को देखते हुए फतेहगढ़ में चल रहे कंप्यूटर ऑपरेटर प्रशिक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार ने आरटीसी के प्रशिक्षुओं को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं को पुलिसिंग व्यवस्था में कंप्यूटर एवं डिजिटल तकनीक के महत्व की जानकारी देते हुए प्रशिक्षण को गंभीरता से लेने और तकनीकी कार्यों में दक्षता हासिल करने पर जोर दिया।
ब्रीफिंग के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस विभाग के अधिकांश महत्वपूर्ण कार्य तकनीकी एवं डिजिटल माध्यमों से संचालित हो रहे हैं। ऐसे में कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। पुलिस रिकॉर्ड के रख-रखाव से लेकर विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सूचनाओं के आदान-प्रदान तक तकनीकी दक्षता और कार्यों में शुद्धता बेहद आवश्यक है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को CCTNS और ICJS सहित पुलिस विभाग में उपयोग किए जा रहे विभिन्न तकनीकी माध्यमों के संबंध में आवश्यक जानकारी दी। साथ ही डिजिटल अभिलेखों के सुरक्षित एवं व्यवस्थित रख-रखाव को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। प्रशिक्षुओं को समझाया गया कि डिजिटल रिकॉर्ड में किसी भी प्रकार की लापरवाही पुलिस कार्यप्रणाली को प्रभावित कर सकती है, इसलिए प्रत्येक प्रविष्टि और रिकॉर्ड को पूरी सावधानी के साथ तैयार किया जाना चाहिए।
अपर पुलिस अधीक्षक ने साइबर सुरक्षा को भी प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए प्रशिक्षुओं को सतर्क रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध और डाटा सुरक्षा की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में पुलिस विभाग से जुड़े संवेदनशील डिजिटल अभिलेखों और सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखना प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं को निर्देशित किया कि प्रशिक्षण अवधि में तकनीकी कार्यों को केवल औपचारिकता के रूप में न लें, बल्कि प्रत्येक प्रक्रिया को बारीकी से समझकर व्यावहारिक रूप से सीखें। कंप्यूटर संचालन, डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने, डाटा प्रबंधन और विभागीय सॉफ्टवेयर के उपयोग में दक्षता हासिल करने के साथ-साथ कार्यों में शुद्धता, गोपनीयता और अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए कहा गया।
एएसपी गिरीश कुमार ने कहा कि पुलिसिंग में तकनीक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है और आने वाले समय में तकनीकी रूप से दक्ष पुलिसकर्मियों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने प्रशिक्षुओं से प्रशिक्षण के दौरान सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं को समझने, आवश्यक जानकारी प्राप्त करने और अपनी कार्यक्षमता को लगातार बेहतर बनाने का आह्वान किया।
ब्रीफिंग के दौरान प्रशिक्षुओं को यह भी निर्देश दिया गया कि विभागीय कार्यों के दौरान प्राप्त होने वाली गोपनीय एवं संवेदनशील सूचनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ सुरक्षित रखा जाए। किसी भी डिजिटल रिकॉर्ड, लॉगिन, पासवर्ड अथवा विभागीय जानकारी के संबंध में निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।
फतेहगढ़ में कंप्यूटर ऑपरेटर प्रशिक्षण के दौरान एएसपी ने प्रशिक्षुओं को किया ब्रीफ


