नई दिल्ली। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नेताओं को अनुशासन और एकजुटता का संदेश देते हुए पार्टी की आधिकारिक लाइन से अलग बयानबाजी से बचने की नसीहत दी। उन्होंने नेताओं से कहा कि सार्वजनिक मंचों पर बोलते समय पार्टी के सामूहिक निर्णय और आधिकारिक रुख का पालन किया जाए।
बैठक में पार्टी के भीतर अलग-अलग मुद्दों पर नेताओं के बयानों और उनके राजनीतिक असर को लेकर चर्चा हुई। खड़गे ने स्पष्ट संदेश दिया कि नेताओं के अलग-अलग बयान पार्टी की रणनीति और संदेश को कमजोर करते हैं। ऐसे में महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दों पर बयान देने से पहले पार्टी के रुख को ध्यान में रखना जरूरी है।
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से यह संदेश ऐसे समय आया है जब कई राष्ट्रीय मुद्दों पर विपक्षी दलों की रणनीति और सार्वजनिक बयानबाजी पर लगातार नजर बनी हुई है। पार्टी चाहती है कि उसके नेता एकजुट होकर मुद्दों को उठाएं और सरकार के खिलाफ पार्टी की रणनीति को मजबूती से सामने रखें।
बैठक में नेताओं से संगठनात्मक अनुशासन बनाए रखने और सामूहिक फैसलों का सम्मान करने पर भी जोर दिया गया। खड़गे के सख्त संदेश को पार्टी के भीतर बयानबाजी को नियंत्रित करने और राजनीतिक संदेश में एकरूपता लाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि किसी भी मुद्दे पर अलग-अलग नेताओं के विरोधाभासी बयान से कार्यकर्ताओं और जनता के बीच पार्टी के रुख को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में पार्टी नेताओं के सार्वजनिक बयानों में अधिक समन्वय दिखाई देने की संभावना है।


