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Sunday, July 5, 2026

लखनऊ में बिजली लोड बढ़ाए जाने पर बवाल, 3.87 लाख उपभोक्ताओं पर असर

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– चार बिजली कार्यालयों में हंगामा

लखनऊ। राजधानी में बिजली उपभोक्ताओं का स्वीकृत विद्युत लोड बढ़ाए जाने के बाद व्यापक विरोध देखने को मिला। बिजली विभाग द्वारा बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाए जाने से नाराज लोगों ने शहर के चार अलग-अलग बिजली कार्यालयों में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और अधिकारियों से जवाब मांगा। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं की इंजीनियरों और कर्मचारियों से तीखी नोकझोंक भी हुई।

जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की ओर से राजस्व बढ़ाने और वास्तविक बिजली खपत के अनुरूप उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड संशोधित करने की प्रक्रिया के तहत प्रदेशभर में लाखों उपभोक्ताओं का लोड बढ़ाया गया है। इसी क्रम में करीब 3.87 लाख उपभोक्ताओं का विद्युत लोड बढ़ाए जाने की कार्रवाई की गई, जिससे कई उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर अतिरिक्त भार पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

लखनऊ में इस कार्रवाई के विरोध में अमौसी, लखनऊ मध्य, जानकीपुरम और गोमतीनगर स्थित बिजली कार्यालयों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता पहुंच गए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने विभाग पर बिना पूर्व सूचना लोड बढ़ाने का आरोप लगाया। कई उपभोक्ताओं का कहना था कि उन्होंने अतिरिक्त लोड की मांग नहीं की थी, फिर भी उनके कनेक्शन का लोड बढ़ा दिया गया, जिससे फिक्स चार्ज और अन्य शुल्कों में वृद्धि हो सकती है।

अमौसी और लखनऊ मध्य क्षेत्र में उपभोक्ताओं की विभागीय इंजीनियरों और कर्मचारियों से तीखी बहस हुई। वहीं जानकीपुरम और गोमतीनगर कार्यालयों में भी विरोध प्रदर्शन के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया और उनकी शिकायतों के समाधान का आश्वासन दिया।

बिजली विभाग का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के यहां लंबे समय से स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली का उपयोग किया जा रहा था, उनका लोड तकनीकी सर्वे और खपत के आधार पर संशोधित किया गया है। विभाग का दावा है कि यह कदम बिजली वितरण प्रणाली को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के साथ-साथ ओवरलोडिंग की समस्या को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

दूसरी ओर उपभोक्ताओं का आरोप है कि यह कार्रवाई राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से की गई है और इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा। उनका कहना है कि यदि किसी उपभोक्ता का लोड बढ़ाना आवश्यक था तो पहले उसे नोटिस देकर सहमति ली जानी चाहिए थी।

बढ़ते विरोध को देखते हुए बिजली विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं को लोड वृद्धि पर आपत्ति है, वे संबंधित विद्युत उपखंड कार्यालय में आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विभाग ऐसे मामलों की तकनीकी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करेगा।

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