फर्रुखाबाद। सावन के पावन महीने में फर्रुखाबाद में पौत्रों ने श्रद्धा और पारिवारिक समर्पण की अनोखी मिसाल पेश की। पौत्र अपनी दादी को कांवड़ में बैठाकर गंगाजल यात्रा पर निकल पड़े। कांवड़ के एक तरफ दादी बैठीं तो दूसरी तरफ 51 लीटर गंगाजल रखा गया है।
पौत्रों ने पंचाल घाट से गंगाजल भरा और इसके बाद अपनी यात्रा शुरू की। उनका लक्ष्य एटा जिले के अलीगंज क्षेत्र स्थित नदराला मंदिर पहुंचना है। वहां वे अपनी दादी के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे।
परिजनों के अनुसार पौत्रों ने दादी को अपने साथ यात्रा कराने का संकल्प लिया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए उन्होंने कांवड़ को इस तरह तैयार किया कि एक ओर दादी और दूसरी ओर गंगाजल रखा जा सके। यात्रा के दौरान पौत्र बारी-बारी से कांवड़ को कंधे पर लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
पौत्रों का लक्ष्य करीब 80 किलोमीटर की दूरी 48 घंटे में पूरी करना है। दादी को कांवड़ में बैठाकर ले जाने की तस्वीर और यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। श्रद्धालु इसे दादी के प्रति प्रेम, सेवा और आस्था का अनूठा संगम बता रहे हैं।


