लखनऊ। बिजली विभाग के एक अधिशासी अभियंता और महिला कर्मचारी से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभागीय हलकों में चर्चा तेज हो गई है। वायरल वीडियो को कई महीने पुराना बताया जा रहा है। हालांकि, वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि उदय प्रताप सिंह, जो वर्तमान में गोंडा में एक्सईएन के पद पर तैनात हैं, पूर्व में बांदा में भी तैनात रहे थे। इसी दौरान उनके साथ काम करने वाली एक महिला कंप्यूटर ऑपरेटर से कथित नजदीकियों की चर्चा होने की बात सामने आई है।
वायरल हो रही जानकारी के मुताबिक महिला कर्मचारी के पति को दोनों के बीच कथित संबंधों को लेकर शक था। इसी शक के आधार पर वह होटल कॉन्टिनेंटल पहुंचा, जहां दोनों के मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद का कथित वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
हालांकि, होटल में वास्तव में क्या हुआ, वीडियो कब का है और उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति वही हैं या नहीं—इन सभी बिंदुओं की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल वायरल वीडियो की प्रामाणिकता का है। वीडियो के आधार पर किसी अधिकारी या कर्मचारी के निजी आचरण को लेकर निष्कर्ष निकालने से पहले इसकी तारीख, स्थान, वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग और उसमें मौजूद लोगों की पहचान की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।


