मजबूत अमेरिकी मुद्रा और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर
मुंबई। भारतीय रुपया सोमवार, 10 अगस्त 2026 को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे कमजोर होकर 95.25 रुपये प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये पर दबाव अमेरिकी डॉलर में मजबूती और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण देखा गया।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत के आयात बिल पर दबाव बढ़ने की आशंका रहती है। इसका असर रुपये की विनिमय दर पर भी पड़ सकता है।
कारोबारियों की नजर अब वैश्विक बाजारों के रुख, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों के साथ-साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर है। सोमवार के शुरुआती कारोबार में इन कारकों के चलते रुपये में कमजोरी देखने को मिली।


