उम्र सत्यापन के दस्तावेज अधूरे मिलने पर आवेदन लौटाए गए, विकास भवन और आईजीआरएस पर शिकायतों की भरमार
लखनऊ। वृद्धावस्था पेंशन के लिए आवेदन करने वाले करीब 13 हजार बुजुर्गों की परेशानी बढ़ गई है। आवेदन में उम्र सत्यापन से जुड़े दस्तावेज अधूरे पाए जाने के कारण बड़ी संख्या में आवेदन संशोधन के लिए वापस किए गए हैं। इसके चलते बुजुर्ग पेंशन की प्रक्रिया पूरी कराने के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि पेंशन के लिए ऑनलाइन किए गए आवेदनों की जांच के दौरान कई मामलों में उम्र प्रमाणित करने वाले जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं मिले। सत्यापन प्रक्रिया में कमी पाए जाने के बाद संबंधित आवेदनों को संशोधन के लिए वापस कर दिया गया है।
आवेदन वापस होने के बाद बुजुर्गों की परेशानी और बढ़ गई है। कई आवेदक अपने दस्तावेजों में संशोधन और सत्यापन कराने के लिए विकास भवन पहुंच रहे हैं। वहीं, समस्या का समाधान नहीं होने पर आईजीआरएस के माध्यम से भी लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं।
बुजुर्गों का कहना है कि पेंशन उनके लिए आर्थिक सहारे का महत्वपूर्ण माध्यम है। आवेदन प्रक्रिया में दस्तावेजों की कमी के कारण उन्हें बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई बुजुर्गों को ऑनलाइन प्रक्रिया और दस्तावेजों के संशोधन की जानकारी जुटाने में भी दिक्कत हो रही है।
विभागीय स्तर पर अब लौटाए गए आवेदनों में आवश्यक दस्तावेजों और जानकारी को दुरुस्त कराने की प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेज पूरे होने और सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र आवेदनों पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


