कंपिल। पार्क में खेल रही नौ वर्षीय बालिका से कथित छेड़छाड़ के मामले में अब पुलिस की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आरोपी को हिरासत में लेने के बावजूद उस पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई और उसे रात में ही छोड़ दिया गया। मामले को लेकर क्षेत्र में लोगों में आक्रोश है और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
पीड़िता की मां ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने तत्काल थाने पहुंचकर तहरीर दी थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया, लेकिन बाद में प्रभावशाली लोगों के दबाव में बिना किसी ठोस कार्रवाई के छोड़ दिया। इससे परिवार में भय और असुरक्षा का माहौल है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह पहले भी गंभीर मामले में जेल जा चुका है। इसके बावजूद कार्रवाई न होने से पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आरोप सही हैं तो यह न केवल पीड़ित परिवार के साथ अन्याय है, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न है।
पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि किसी प्रकार का राजनीतिक या बाहरी दबाव कार्रवाई में बाधा बना है तो उसकी भी जांच होनी चाहिए।
हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि आरोपी के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की गई और यदि उसे छोड़ा गया तो किन परिस्थितियों में।


