लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सोमवार शाम अचानक मौसम ने करवट ली। बाराबंकी, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, अयोध्या, जौनपुर, वाराणसी और आजमगढ़ समेत कई जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। कई स्थानों पर ओले भी गिरे। तेज हवाओं के चलते पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जबकि कई जगह टीनशेड और होर्डिंग उड़ गए।
अयोध्या में करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चली। अचानक आसमान में अंधेरा छा गया और तेज बारिश शुरू हो गई। प्रतापगढ़, बाराबंकी और सुल्तानपुर में ओलावृष्टि से धान और गन्ने की फसल प्रभावित हुई। किसानों के मुताबिक कई क्षेत्रों में धान की करीब 20 प्रतिशत फसल को नुकसान पहुंचा है।
सुल्तानपुर के कूरेभार, धनपतगंज, मोतिगरपुर और करौंदीकला में ओले गिरे। अखंडनगर क्षेत्र में करीब तीन घंटे तक बारिश हुई। तेज हवा और बारिश के कारण खेतों में खड़ी धान और गन्ने की फसल गिर गई। अंबेडकरनगर में भी तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में ओलावृष्टि हुई।
आजमगढ़ में तेज आंधी-बारिश के दौरान मिट्टी की पुरानी दीवार गिरने से मलबे में दबकर सात वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। कई इलाकों में पेड़, बिजली के पोल और होर्डिंग गिरने से नुकसान हुआ। जौनपुर और प्रयागराज में भी तेज आंधी के बाद मूसलाधार बारिश हुई।
वाराणसी में खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। तेज आंधी और कम दृश्यता के कारण वाराणसी आने वाली तीन उड़ानों को लखनऊ डायवर्ट करना पड़ा। तीनों विमान बेंगलुरु और हैदराबाद से वाराणसी आ रहे थे।
उधर, प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति पहले से गंभीर बनी हुई है। लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और फैजुल्लागंज समेत कई इलाकों में घरों में पानी घुसा है। मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 33 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून की वापसी के दौरान बनी मौसमी परिस्थितियों के कारण बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट की संभावना है।


