लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी और ‘चढ़ावा चोरी’ जैसे मामलों को लेकर भाजपा नेताओं की बातों पर अब जनता भरोसा नहीं कर रही है। भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार और भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है तथा जनता अब चुनाव का इंतजार कर रही है।
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में विपक्ष के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने, बुलडोजर कार्रवाई, फर्जी मुठभेड़ और संविधान तथा सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर लगातार सवाल खड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, व्यापारियों, युवाओं और कर्मचारियों से लेकर महिलाओं तक विभिन्न वर्ग सरकार की नीतियों से परेशान हैं।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों को फसल का उचित मूल्य, खाद, सिंचाई और बिजली नहीं मिल रही है। छुट्टा पशुओं की समस्या से खेती प्रभावित है। महंगाई के कारण आम आदमी के लिए भोजन, इलाज और शिक्षा महंगी हो गई है। उन्होंने छोटे दुकानदारों और कारोबारियों पर कर व्यवस्था के दबाव तथा प्रदेश में रोजगार और निवेश से जुड़े भ्रष्टाचार के भी आरोप लगाए।
उन्होंने भर्ती और आरक्षण के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। अखिलेश ने कहा कि विभिन्न भर्तियों के मामले अदालतों में लंबित हैं और संविदा, लेटरल एंट्री तथा अन्य व्यवस्थाओं के माध्यम से आरक्षण के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षक, शिक्षामित्र, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, कर्मचारी, अधिवक्ता, बीएलओ और भर्ती अभ्यर्थियों सहित कई वर्गों के आंदोलन और समस्याओं का उल्लेख किया।
कानून-व्यवस्था को लेकर अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध और भ्रष्टाचार पर सरकार का नियंत्रण कमजोर हुआ है। उन्होंने पुलिस व्यवस्था, भूमाफिया, अवैध खनन, मिलावटखोरी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार में जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान है और शासन-प्रशासन में जवाबदेही का अभाव है।
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ जनता में नाराजगी बढ़ रही है और लोग विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जैसे ही चुनाव घोषित होगा, भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा।


