तेजाब हमले की पीड़िता ने मेडिकल रिपोर्ट में हेराफेरी और रिश्वत मांगने का लगाया आरोप
फर्रुखाबाद। बलात्कार के प्रयास में असफल होने पर तेजाब फेंके जाने की घटना की पीड़िता ने मेडिकल रिपोर्ट में हेराफेरी और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर न्याय नहीं मिला और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो वह अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री आवास के सामने आमरण अनशन पर बैठेगी।
थाना जहानगंज क्षेत्र के सराफाबाद निवासी इल्मा बानों पुत्री आरजू आलम ने आरोप लगाया कि हसीब उर्फ सुल्तान दुरयानी ने उसके ऊपर तेजाब फेंका था। उसका कहना है कि घटना के दौरान आरोपी जिस शीशी में तेजाब लाया था, उसे घटनास्थल पर ही छोड़ गया था, जिसमें अभी भी कुछ द्रव्य मौजूद है। पीड़िता ने मांग की कि उस द्रव्य की वैज्ञानिक जांच कराई जाए, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
पीड़िता का आरोप है कि उपचार के दौरान उसके पिता से मेडिकल रिपोर्ट में तेजाब हमले का उल्लेख करने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की गई। उसका कहना है कि पिता सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं और इतनी रकम देने में असमर्थ थे। आरोप है कि रकम न मिलने पर सीएचसी कमालगंज के एक चिकित्सक ने मेडिकल रिपोर्ट में तेजाब की जगह “नॉन एसिड” दर्ज कर दिया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद छोड़ दिया। उसने बताया कि वह छह दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही। वर्तमान में वह एलएलबी की छात्रा है। पीड़िता का दावा है कि उसके परिवार के राजनीतिक झुकाव के कारण भी विरोधी पक्ष उससे रंजिश रखता है।
पीड़िता ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री आवास के सामने आमरण अनशन शुरू करेगी। मामला सामने आने के बाद प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
इंसाफ न मिला तो मुख्यमंत्री आवास के सामने परिवार समेत आमरण अनशन की चेतावनी


