नई दिल्ली
केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार के कैबिनेट विस्तार और नए चेहरों को शामिल किए जाने की चर्चाएं और अधिक तेज हो गई हैं। राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव को देखते हुए यह फेरबदल जल्द होने की संभावना जताई जा रही है।
जॉर्ज कुरियन का इस्तीफा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू द्वारा स्वीकार कर लिया गया है, जिसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल में रिक्त स्थान बढ़ गए हैं। इसके साथ ही अन्य कुछ मंत्रियों का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने और संगठनात्मक स्तर पर हुए बदलावों ने कैबिनेट विस्तार की संभावनाओं को मजबूत किया है।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में नए चेहरों को शामिल करने पर गंभीर विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि कुछ मौजूदा नेताओं को संगठनात्मक जिम्मेदारी दी जा सकती है, जबकि उनकी जगह नए सांसदों और अनुभवी नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विभिन्न राज्यों में नए राजनीतिक गठजोड़ और दलगत समीकरणों में बदलाव का असर भी कैबिनेट विस्तार पर पड़ सकता है। साथ ही यह भी चर्चा है कि यह फेरबदल आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए रणनीतिक रूप से किया जाएगा।


