नई दिल्ली।राष्ट्रीय राजधानी में सियासी हलचल तेज हो गई है। दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र 28 अप्रैल को बुलाया गया है, जिसकी शुरुआत सुबह 11 बजे पुराने सचिवालय स्थित विधानसभा भवन में होगी। इस सत्र को लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों ही पूरी तैयारी में जुट गए हैं।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंदर गुप्ता ने इसकी औपचारिक जानकारी देते हुए बताया कि उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही दिल्ली की 8वीं विधानसभा का पांचवां सत्र आयोजित होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
यह सत्र इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि चौथे सत्र का सत्रावसान हो चुका है और अब नए सत्र में कई बड़े और विवादित मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक, प्रशासनिक फैसलों, वित्तीय मुद्दों और कानून-व्यवस्था जैसे विषयों पर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सिर्फ औपचारिक सत्र नहीं होगा, बल्कि आगामी राजनीतिक समीकरणों की दिशा तय करने वाला मंच बन सकता है। विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, वहीं सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों को गिनाने और विरोध के आरोपों का जवाब देने के मूड में दिख रहा है।
दिल्ली की राजनीति में अक्सर विधानसभा सत्र टकराव और तीखी बयानबाजी के लिए जाने जाते हैं, ऐसे में इस बार भी हंगामेदार बहस से इनकार नहीं किया जा सकता।
अब नजर 28 अप्रैल पर टिकी है—क्या यह सत्र सिर्फ चर्चा तक सीमित रहेगा या फिर दिल्ली की राजनीति में कोई बड़ा मोड़ लेकर आएगा?
सियासी तापमान बढ़ाने वाला सत्र 28 अप्रैल को विधानसभा का विशेष सत्र


