नाम बदला, नियम बदले, लेकिन सरकारी धन की लूट पर नहीं लगी लगाम, दलाल आसिफ कर रहा बंदरबाँट
फर्रुखाबाद। केंद्र सरकार ने मनरेगा का नाम बदलकर “विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” यानी “वीबीजी राम जी” कर दिया। सरकार का दावा था कि मनरेगा में बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है, ऑनलाइन हाजिरी, फोटो सत्यापन और सख्त मॉनिटरिंग से फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगी। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि नाम बदलने और नियम सख्त करने के बावजूद भ्रष्टाचार का खेल पहले की तरह ही बदस्तूर जारी है। शातिरों ने नई व्यवस्था में भी सरकारी धन लूटने के नए तरीके खोज निकाले हैं।
विकासखंड कमालगंज की कई ग्राम पंचायतों में कागजों पर मजदूरों की फौज खड़ी कर लाखों रुपये डकारे जाने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत अभयपुर में 82, अजीजलपुर में 41, बहोरीकपुर में 43, वंथल शाहपुर में 32, भरतामऊ में 43 तथा हैदरपुर में 45 फर्जी मजदूर लगाए जाने के आरोप हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जमीन पर कहीं काम नहीं हो रहा, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में मजदूरों की हाजिरी भरकर भुगतान निकाला जा रहा है।
सरकार ने फर्जीवाड़ा रोकने के लिए नियम बनाया था कि कार्यस्थल पर मजदूर की ऑनलाइन हाजिरी तभी मान्य होगी, जब उसकी फोटो लाइव लोकेशन और पलक झपकाने की प्रक्रिया के साथ अपलोड होगी। लेकिन भ्रष्टाचारियों ने इसका भी तोड़ निकाल लिया। पहले मौके पर जाकर मोबाइल की लोकेशन ऑन की जाती है, फिर एक मजदूर की फोटो लेकर हाजिरी लगा दी जाती है। इसके बाद मास्टर रोल में एडिट विकल्प का इस्तेमाल कर गांव में अलग-अलग जगह लोगों की फोटो खींचकर उसी लोकेशन पर अपडेट कर दी जाती है। इस तरीके से कागजों में दर्जनों मजदूर दिखाकर सरकारी खजाने से रकम निकाल ली जाती है।
सूत्रों के अनुसार थाना जहानगंज क्षेत्र के गांव जहांगीरपुर निवासी आसिफ इस पूरे खेल का मुख्य किरदार बताया जा रहा है। चर्चा है कि मजदूरों के खातों में आने वाली रकम का केवल 25 प्रतिशत हिस्सा ही मजदूरों को दिया जाता है, जबकि बाकी 75 प्रतिशत रकम का बंदरबांट कर लिया जाता है। आरोप है कि इसमें 25 प्रतिशत हिस्सा आसिफ रखता है और शेष 50 प्रतिशत रकम भूमि संरक्षण विभाग के जिम्मेदारों में बांट दी जाती है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच कराकर धरातल पर सत्यापन कराया जाए तो करोड़ों के इस खेल की परतें खुल सकती हैं। वहीं डीसी मनरेगा कपिल कुमार ने कहा कि यदि जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


