21 विभागों में चयनित 932 अभ्यर्थियों को मिला नियुक्ति पत्र
सीएम बोले- सिफारिश और भ्रष्टाचार से चयनित व्यक्ति प्रगति नहीं, दुर्गति कराता है
9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से दी गई सरकारी नौकरी
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न हो रही है। यही कारण है कि प्रदेश आज बीमारू राज्य की छवि से निकलकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन रहा है।
लखनऊ में 21 विभागों में चयनित 932 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की कार्यप्रणाली की सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी न हो तो चयनित व्यक्ति शासन की मंशा के अनुरूप ईमानदारी से कार्य नहीं कर सकता।
सीएम योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में सिफारिश और पैसे के दम पर नौकरियां मिलती थीं। ऐसे लोग व्यवस्था को मजबूत करने के बजाय उसे कमजोर करते थे। उन्होंने कहा कि “सिफारिश से या पैसा लेकर चयनित व्यक्ति प्रगति नहीं, दुर्गति जरूर कराता है और 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में यही होता था।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, उपजाऊ भूमि, जल संपदा और युवाशक्ति से भरपूर उत्तर प्रदेश कभी पहचान के संकट से जूझ रहा था। प्रदेश के बाहर जाने पर यहां का युवा अपनी पहचान छुपाता था, लेकिन आज वही उत्तर प्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है।
उन्होंने कहा कि पिछले 9 वर्षों में प्रदेश सरकार ने 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी दी है। अगर अच्छी सरकार न होती तो इतने युवाओं को अवसर नहीं मिल पाता।
मुख्यमंत्री ने नवचयनित अभ्यर्थियों से ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस पारदर्शी तरीके से चयन हुआ है, उसी शुचिता और पारदर्शिता के साथ पूरे सेवाकाल में कार्य करना होगा।
सीएम योगी ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा कि नौकरी के शुरुआती 10 वर्षों में जितनी अधिक मेहनत करेंगे, वही आगे के पूरे सेवाकाल की मजबूत नींव बनेगी। उन्होंने कहा कि शासन की अपेक्षा है कि अधिकारी समयबद्ध, पारदर्शी और जनहित की भावना के साथ कार्य करें।


