फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के आह्वान पर जिले भर के सरकारी अस्पतालों में कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने सोमवार को काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। विरोध के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी जताते हुए नियमित रूप से कार्य भी किया।
संगठन के जिला अध्यक्ष अभिषेक बाजपेई ने बताया कि मार्च और अप्रैल माह का मानदेय अब तक कर्मचारियों को नहीं मिला है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सितंबर माह से ही मानदेय भुगतान में लगातार देरी हो रही है, जिससे संविदा कर्मियों के सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। कर्मचारियों को परिवार चलाने और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार शासन को पत्र भेजे गए तथा विभागीय वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन देकर अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी के विरोध में प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर 18 से 20 मई तक सभी संविदा कर्मचारी काली पट्टी बांधकर कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे।
अभिषेक बाजपेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 20 मई तक लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो 21 मई से “नो पे, नो वर्क” के नारे के साथ कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और शासन की होगी। उन्होंने जिले के सभी संविदा स्वास्थ्य कर्मियों से अपने अधिकारों की लड़ाई में संगठन के साथ एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत बनाने का आह्वान किया।
स्वास्थ्य संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांध कर किया विरोध प्रदर्शन


