कौशांबी के जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 55 वर्षीय छोटू की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। मृतक गौसपुर टिकरी गांव का निवासी था। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और 20 हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे छोटू के पेट में अचानक तेज दर्द उठा। हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत मंझनपुर स्थित जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने भर्ती कर इलाज शुरू किया। कुछ देर बाद डॉक्टरों ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए उसे रेफर करने की बात कही।
आरोप है कि इसी दौरान डॉक्टरों ने बेहतर इलाज का भरोसा दिलाकर परिजनों से 20 हजार रुपये की मांग की। परिजनों ने आरोप लगाया कि उन्होंने रकम दे दी, लेकिन इसके बावजूद मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। शनिवार सुबह करीब 11 बजे इलाज के दौरान छोटू की मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने डॉक्टरों पर गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप भी लगाया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख मंझनपुर कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया।
काफी देर तक चले हंगामे के दौरान परिजन कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। पुलिस ने उन्हें निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। इसके बाद परिजन शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर राजी हुए।
इस मामले में संजय कुमार ने कहा है कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह पता लगाया जाएगा कि मृतक के परिजनों ने किन कर्मचारियों को पैसे दिए थे और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


