– केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने फीता खोल किया लोकार्पण
लखनऊ। उत्तर प्रदेश ने विकास की सड़क पर एक और ऐतिहासिक छलांग लगाई है। वर्षों से प्रतीक्षित 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे का सोमवार को भव्य लोकार्पण रक्षा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, उन्नाव के सांसद डॉ. सच्चिदानंद हरि ‘साक्षी महाराज’, कानपुर नगर के सांसद रमेश अवस्थी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
करीब ₹4,700 करोड़ की लागत से तैयार यह 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE-6) उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स में शामिल हो गया है। एक्सप्रेसवे के शुरू होने से लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा, जो अब तक 2.5 से 3 घंटे में पूरी होती थी, अब महज 35 से 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी।
लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि आधुनिक सड़कें केवल दूरी कम नहीं करतीं, बल्कि राज्यों की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देती हैं। उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे उद्योग, व्यापार, लॉजिस्टिक्स, कृषि, निवेश और रोजगार के लिए नया विकास कॉरिडोर साबित होगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे नए भारत और नए उत्तर प्रदेश की मजबूत आधारशिला बताते हुए कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी से विकास का लाभ गांव-गांव तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क का नेतृत्व कर रहा है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गंगा और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के बाद अब लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेसवे प्रदेश की आर्थिक ताकत को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना निवेशकों का विश्वास बढ़ाएगी और औद्योगिक विकास को नई दिशा देगी।
यह एक्सप्रेसवे देश के आधुनिक राजमार्गों में शामिल है। इसमें इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम , सीसीटीवी निगरानी, आपातकालीन सहायता, हाई-स्पीड सुरक्षा व्यवस्था और आधुनिक टोल तकनीक जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस मार्ग के चालू होने से राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।


